National : भारत के साथ जम्मू-कश्मीर का संबंध अवैध – महबूबा

श्रीनगर 26 अक्टूबर : जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने 2019 में तत्कालीन राज्य के विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने के बाद देश के बाकी हिस्सों के साथ जम्मू और कश्मीर के संबंध को अवैध करार देते हुए 1947 में आज के ही दिन हस्ताक्षरित विलय पत्र को बहाल करने की मांग की।

सुश्री मुफ्ती ने यहां पार्टी मुख्यालय में कहा कि 2019 में तत्कालीन राज्य के विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने के बाद देश के बाकी हिस्सों के साथ जम्मू और कश्मीर का संबंध अवैध है। उन्होंने कहा, “हमें इस दिन (विलय दिवस) ​​पर छुट्टी की आवश्यकता नहीं है। हमें एक समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन की आवश्यकता है जिसका वादा विलय के समय किया गया था और इस पर हस्ताक्षर किए गए थे,। ”

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारत संघ में विलय कुछ शर्तों पर आधारित था जिसके बारे में उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने से यह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, “अगर विलय के दस्तावेज को स्वीकार कर लिया जाता है, तो अनुच्छेद 370 को हटाना गैरकानूनी है और जम्मू-कश्मीर और भारत संघ के बीच संबंध अवैध हो जाते हैं।”

उन्होंने कहा कि 26 अक्टूबर 1947 को भारत और पाकिस्तान को उनकी स्वतंत्रता मिलने के ठीक बाद जम्मू और कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों बीच उस रियासत को लेकर चल रहा तीव्र संघर्ष समाप्त हो गया।

पीडीपी नेता ने भाजपा पर जम्मू-कश्मीर को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर की उस भारत तक पहुंच थी जो एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश था। हम गुजरात मॉडल नहीं चाहते हैं और उसी धर्मनिरपेक्ष भारत की जरूरत है जिसके साथ हमने (जम्मू-कश्मीर) 1947 में विलय किया था।”

उन्होंने दावा किया कि श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले देश में धर्मनिरपेक्षता फल-फूल रही थी। उन्होंने कहा, “पहले हमारे पास देश में मुस्लिम राष्ट्रपति और सिख प्रधानमंत्री हुआ करते थे, लेकिन जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, धर्मनिरपेक्षता बुरी तरह प्रभावित हुई है। देश में मुसलमानों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है और उनकी हत्या की जा रही है।”

सैनी अशोक

वार्ता

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