National : भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात अक्टूबर में करीब 17 प्रतिशत घटा

नयी दिल्ली, 15 नवंबर : यूक्रेन-रूस युद्ध और कोविड19 महामारी के कारण वैश्विक बाजार में कठिनाई के बीच भारत ने अक्टूबर में 29.78 अरब डॉलर का वाणिज्यक निर्यात किया जो एक साल पहले की तुलना में 16.65 प्रतिशत कम है।

पिछले वर्ष अक्टूबर में वाणिज्यक वस्तुओं का निर्यात 35.73 अरब डालर के बराबर था।

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी निर्यात आयात के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अक्टूबर में आयात 5.7 प्रतिशत बढ़ कर 56.69 अरब डालर रहा जो एक साल पहले इसी माह 53.64 अरब डालर के बराबर था।

इस तरह अक्टूबर में वाणिज्यक वस्तुओं के व्यापार में संतुलन 26.91 अरब प्रतिकूल रहा। पिछले वर्ष अक्टूबर में व्यापार घाटा 17.91 अरब डालर था।

अक्टूबर में तिलहनों, आयल मील, इलेक्ट्रानिक सामान,तम्बाकू, चाय और चावल के निर्यात में बढ़ोतरी रही । इसके विपरीत लौह अयस्क , हस्तशिल्प और हाथ से बुने गलचे, सूतीधागा और हैंडलूम उत्पाद, कजू, जूट के टाट, प्लास्टिक के सामान, मांस, डेयरी उत्पाद एवं मुर्गी-अंडा, रत्न-आभूषण तथा इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में गिरावट दर्ज की गयी ।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अक्टूबर में सेवाओं का निर्यात 28.58 अरब डालर रहा जो एक वर्ष पहले 20.37 अरब डालर था। इसी तरह माह के दौरान सेवा आयात 16.30 अरब डालर रहा जो पिछले साल अक्टूबर में 11.64 अरब डारलर था।

इस तरह अक्टूबर में वस्तु और सेवाओं सहित कुल निर्यात 58.36 अरब डालर और आयात 73 अरब डालर रहा। अक्टूबर में कुल मिला कर व्यापार घाटा 14.63 अरब डालर के बराबर रहा।

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर 2022 के दौरान देश का निर्यात 12.55 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 263.35 अरब डॉलर और आयात 33.12 प्रतिशत बढ़कर 436.81 अरब डॉलर रहा। इस तरह इस वित्त वर्ष के पहले सात महीने में देश का व्यापार घाटा (निर्यात की तुलना में आयात का अधिक होना) बढ़कर 173.46 अरब डॉलर रहा।

इसी तरह चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में सेवा निर्यात 181.39 अरब डालर था । पिछले वित्त वर्ष में इसी दौरान सेवाओं का निर्यात 138.01 अरब डालर था। इन्हीं सात महीनों में सेवा आयात पिछले साल के 77.89 अरब डलर से बढ़ कर 106.45 अरब डालर पर पहुंच गया।

वित्त वर्ष 2022-23 के पहले सात माह में (वस्तु एंव सेवा व्यापार सहित) कुल मिला कर व्यापार घाटा 98.52 अरब डालर के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कुल व्यापार घाटा 34.05 अरब डालर था।

अक्टूबर 2022 में गैर पेट्रोलियम निर्यात 25.03 अरब डालर और गैर पेट्रोलियम आयात 40.84 अरब डालर के बराबर रहा। इसी दौरान पेट्रोलियम तथा रत्न-आभूषण को छोड़ कर अन्य वस्तुओं का निर्यात 21.72 अरब डालर और आयात 34.40 अरब डालर रहा।

चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में गैर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 206.00 अरब डालर और आयात 305.82 अरब डालर रहा। इसी तरह इसी दौरान पेट्रोलिय और रत्न आभूष को छोड़ कर अन्य व्यवस्तुओं का निर्यात 182.05 अरब और आयात 258.30 अरब डालर था।

भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष अरुण कुमार गरोडिया ने कहा कि अक्टूबर में इंजीनियरिंग निर्यात में गिरावट कोई अप्रत्याशित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि वैश्विक बाजार की चुनौतियों को देखते हुए सरकार निर्यात को बढ़ाने वाले कुछ कदम उठाएगी।” उन्होंने कहा कि परिषद ने स्टेनलेस स्टील और मिश्रधतु के निर्यात पर 15 प्रतिशत निर्यात शुल्क को वापस लिए जाने की सिफारिश की है। हमने निर्यात उत्पादों पर शुल्क और कर वापस करने की योजना आरओडीटीईपी के दायरे में इस्पात क्षेत्र को भी रखा जाए और ब्याज दर इक्वलाइजेशन दर करे पुन: तीन प्रतिशत से बढ़ा कर 5 प्रतिशत किया जाए।

निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो के अध्यक्ष डा ए शक्तिवेल ने कहा कि अक्टूबर में निर्यात में गिरावट यह दर्शाती है कि वैश्विक बाजार में परिस्थिति कठिन हो रही है और मांग कमजोर पड़ रही है। उन्होंने इसका कारण गिनाते हुए कहा कि बाजार में पुराना पड़ा स्टॉक बढ़ रहा है, मुद्रास्फीत बढ़ रही है, अर्थव्यवस्थाओं में मंदी आ रही है, विदेशी विनिमय बाजार में उठा-पटक चल रही है तथा भू-राजनैतिक तनाव बढ़ा है।

मनोहर.संजय

वार्ता

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