National : मोदी सरकार ने अपने दोस्तों को 19 लाख करोड़ का पहुंचाया फायदा : आप

नयी दिल्ली, 12 अगस्त : आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि आम आदमी के टैक्स में से भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने अपने अमीर दोस्तों को 19 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया है और आम जनता को सुविधाएं देने पर ‘मुफ्त की रेवड़ी’ कहकर अपमानित किया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी सरकार की असलियत जनता के सामने रखी है, तब से पूरी की पूरी भारतीय जनता पार्टी, इनके नेता और मंत्री बौखला गए हैं। उनके पास कोई जवाब नहीं है। आम आदमी पार्टी एक ही प्रश्न कर रही है कि आपने अपने मित्रों का 11 लाख करोड़ रुपए माफ कर दिया लेकिन जब जनता की बारी आती है तो उनके दूध, दही, छाछ, डीजल-पेट्रोल पर टैक्स लगा दिया जाता है। गैस सिलेंडर महंगा कर और दवाओं पर 11 फीसदी जीएसटी लगाकर आम आदमी के ऊपर महंगाई की मार मारी जाती है। जब यही बात श्री केजरीवाल ने पूछी। तभी से पूरी की पूरी भारतीय जनता पार्टी यह कहकर इस देश की करोड़ों जनता को बार-बार अपमानित कर रही है कि तुमको मुफ्त की रेवड़ी दी जाती है। तुमको आगे से मुफ्त की रेवड़ी नहीं देंगे।

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि मैं भाजपाइयों से कहना चाहता हूं कि इतने अहंकार में मत रहो। जनता को निशुल्क सेवाएं मिलने पर मुफ्त की रेवड़ी कह रहे हो। केजरीवाल सरकार जनता को जो निशुल्क बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, निशुल्क माता बहनों के लिए बस की यात्रा, बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा सहित सब कुछ जो दे रही है, यह जनता के पैसे से दे रही है। जनता टैक्स के पैसे से सरकार के खजाने को भरती है और उसी जनता के पैसे से जनता को सुविधाएं दी जाती हैं। इसलिए इसको मुफ्त की रेवड़ी कहकर जनता को अपमानित मत करो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश की करोड़ों जनता का अपमान मत कीजिए। उसी जनता के टैक्स के पैसे से आप 12 करोड़ की गाड़ी, हजारों करोड़ रुपए के जहाज में घूमते हैं। सारे सांसद और विधायकों को फ्री बिजली-पानी मिलता है। इसके अलावा बड़े-बड़े बंगले और उसकी मेंटेनेंस भी जनता के पैसों से होती है।

उन्होंने कहा कि मुफ्त की रेवड़ी क्या है? आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 2013-14 में 19 हजार 814 करोड रुपए, 2014-15 में 60 हजार 196 करोड रुपए, 2015-16 में 72 हजार 501 करोड़ रुपए, 2016-17 में 1 लाख 7 हजार 823 करोड रुपए, 2017-18 में 1 लाख 62 हजार 733 करोड रुपए, 2018-19 में 2 लाख 36 हजार 725 करोड रुपए, 2019-20 में 2 लाख 37 हजार 924 करोड़ रुपए, 2020-21 में 2 लाख 8 हजार 133 करोड़ रुपए पूँजीपतियों के माफ किए गए। यानी कुल मिलाकर 12 लाख 58 हजार 365 करोड रुपए राइट ऑफ किया गया है।

आप नेता ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी किया गया। इससे बजट को 1.84 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ। पूंजीपतियों का टैक्स अगर आप माफ नहीं करते तो जनता के आटे, दाल, चावल, दूध, दही, छाछ पर टैक्स लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह से टैक्स का बोझ जनता के ऊपर लादने की जरूरत नहीं पड़ती। प्रधानमंत्री को चिंता कॉर्पोरेट टैक्स घटाने की है।

श्री सिंह ने कहा कि पहले चीजों के दाम क्या थे और अब क्या हैं। 2014 में पेट्रोल 71 रुपए लीटर था, आज 96.72 है। डीजल 57 रुपए था और आज 90 रुपए लीटर है। एलपीजी गैस का सिलेंडर 414 का था और आज 1080 रुपए है। आटे का दाम 21 रुपए था और आज 29 रुपए है। खाने के तेल का दाम 52 रुपए था और आज 180 है। सरसों के तेल का बीच में भाव 250 तक भी गया था।

आजाद.संजय

वार्ता

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