National Udpate : कानून में संशोधन से दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी में बदलाव नहीं: गृह मंत्रालय

नयी दिल्ली : दिल्ली में कोरोना महामारी के कारण व्यवस्था चरमराने के बाद केन्द्र और राज्य सरकार एक दूसरे को परोक्ष रूप से कठघरे में खड़ा करने में लगी है और इसी कड़ी में आज केन्द्र सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार संशोधन अधिनियम 2021 निर्वाचित सरकार को अपने दायित्व पूरा करने से नहीं रोकता।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने आज एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वर्ष 1991 के राष्ट्रीय राजधानी अधिनियम में संशोधन का उद्देश्य इसे राजधानी की जरूरतों के लिए अधिक प्रासंगिक बनाना, निर्वाचित सरकार और उपराज्यपाल के उत्त्तरदायित्व को परिभाषित करना , और विधायिका तथा कार्यपालिका के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाना है।

यह संशोधन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करेगा और दिल्ली के आम लोगों के लिए बनाई गईं योजनाओं तथा कार्यक्रमों के बेहतर कार्यान्वयन में सहायक होगा। वक्तव्य में कहा गया है कि यह

संशोधन मौजूदा कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप है तथा उच्चतम न्यायालय के जुलाई 2018 तथा फरवरी 2019 के निर्णय के अनुरूप है।

यह संशोधन निर्वाचित सरकार को संविधान की राज्य और समवर्ती सूचियों में हस्तांतरित विषयों, स्वास्थ्य और शिक्षा आदि सहित, के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के संवैधानिक तथा कानूनी उत्तरदायित्वों में किसी भी तरह परिवर्तन नहीं करता।

अधिनियम में संशोधन को लोकसभा गत 22 मार्च और राज्य सभा ने 24 मार्च पारित किया था तथा राष्ट्रपति द्वारा 28 मार्च को अनुमोदित किए जाने के बाद से यह प्रभावी है। नये अधिनियम में पुराने कानून की धारा 21, 24, 33 और 44 में संशोधन किया गया है।

उल्लेखनीय है कि राजधानी में कोरोना महामारी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने के बाद से केन्द्र और दिल्ली सरकार परोक्ष रूप से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं।

वार्ता

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