National Update : किसानों के लिए काफी मददगार साबित होंगे कृषि सुधार कानूनः तोमर

नई दिल्ली, 18 जनवरी । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत सरकार के कृषि सुधार कानून किसानों के लिए काफी मददगार साबित होंगे और इनसे उनका जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहसपूर्वक नए कृषि सुधार कानून बनाए हैं।

तोमर ने सोमवार को सरकार द्वारा किए गए ऐतिहासिक कृषि सुधारों पर वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान द्वारा ग्रामीण स्वयंसेवी संस्थाओं के परिसंघ के साथ आयोजित नेशनल कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। जब-जब देश पर संकट आया, तब-तब गांवों की परंपराओं एवं अर्थव्यवस्था ने अपनी शक्ति स्थापित की है। उन्होंने कहा कि कोविड संकट में केंद्र सरकार ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय दिया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अनेक कदम उठाए गए हैं।

तोमर ने कोरोना संकट का जिक्र करते हुए भारतीय वैज्ञानिकों की श्रेष्ठ सोच व क्षमता को सराहा, जिन्होंने सफलतापूर्वक कोरोना के लिए वैक्सीन बना ली और उसका उपयोग भी प्रारंभ कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश का चहुंमुखी विकास हो एवं भारत श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में स्थापित हो, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के साथ कदम से कदम व कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। खाद्यान्न में हमारा देश सरप्लस देश है, लेकिन कृषि क्षेत्र में असंतुलन भी है। बड़े व छोटे किसानों की परिस्थितियां भिन्न हैं, इसीलिए छोटे किसानों को सरकार की योजनाओं, सब्सिडी, एमएसपी, टेक्नोलॉजी, मार्केट लिंक आदि के लाभ देने के लिए सरकार ने अनेक उपाय किए हैं। कृषि सुधारों को लेकर लंबे समय तक कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, किसान संगठनों व अन्य विद्वानों ने काफी मंथन किया है।

तोमर ने कहा कि स्वामीनाथन की अध्यक्षता में कमेटी भी बनी और काफी विचार-विमर्श के बाद कृषि के क्षेत्र में कानूनी बदलाव लाने की जरूरत महसूस करते हुए ये नए कानून लाए गए हैं। ये कानून पहले भी अपेक्षित थे लेकिन पहले की सरकार दबाव-प्रभाव में आगे नहीं बढ़ पाई। प्रधानमंत्री मोदी ने साहसपूर्वक कदम उठाया और दो नए कानून बनाए एवं एक में संशोधन किया, जिन्हें संसद के दोनों सदनों ने पारित किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये कानून किसानों की दशा-दिशा बदलने वाले, उन्हें कानूनी बंधनों से मुक्ति देने वाले, फसल का वाजिब दाम दिलाने वाले, महंगी फसल की ओर आकर्षित करने वाले, एफपीओ और फूड प्रोसेसिंग से जोड़ने वाले हैं। ये कानून किसानों के लिए काफी मददगार सिद्ध होंगे। जब भी कोई अच्छी चीज होती है तो उसमें बाधाएं आती हैं। देशभर में यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि एमएसपी खत्म होने जा रही है, लेकिन सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि एमएसपी जारी रहेगी, बल्कि एमएसपी पर खरीद भी बढ़ाई गई है। दलहन-तिलहन को भी एमएसपी में शामिल किया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि किसान हितैषी भारत सरकार ने किसानों की भलाई के लिए चौतरफा कदम उठाए हैं। देश के कृषि बजट को 5 गुना से ज्यादा बढ़ाया गया है। वर्ष 2013-14 में कृषि बजट लगभग 27 हज़ार करोड़ रुपए था, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में बढ़ाकर 1.34 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया। आत्मनिर्भर भारत अभियान में घोषित एक लाख करोड़ रुपए के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से गांव-गांव पूंजी निवेश होगा, जिससे किसानों को काफी सहूलियत होगी, वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इसमें कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के 50 हजार करोड़ रुपए के विशेष पैकेज भी सहभागिता करेंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि द्वारा, पारर्शिता एवं ईमानदारी के साथ सीधे किसानों के खातों में करीब 1 लाख करोड़ रुपए जमा किए गए हैं, जिससे लगभग 11 करोड़ किसान लाभान्वित हुए हैं।

(हि.स.)

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