National Update : समुद्री क्षेत्र में विकास को लेकर गंभीर है भारत: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली, 02 मार्च । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के समुद्री क्षेत्र से जुड़ी विकास संभावनाओं में दुनिया से भागीदार बनने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को कहा कि भारत समुद्री क्षेत्र में प्रगति को लेकर बेहद गंभीर है और ब्लू-इकोनॉमी में विश्व में अग्रणी बनने वाला है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘मैरीटाइम इंडिया समिट-2021’ उद्घाटन करते हुए दुनिया को भारत आने और भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर डेनमार्क के परिवहन मंत्री बेनी एंगलब्रैच, गुजरात और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मनसुख मंडाविया उपस्थित थे।

प्रधामंत्री ने कहा कि भारत की एक समृद्ध समुद्री विरासत रही है। भारतीय तटों पर सभ्यतायें विकसित हुई हैं। हजारों सालों तक भारतीय तट प्रमुख व्यापारिक केन्द्र रहे हैं, जिन्होंने विश्व को आपस में जोड़ा है।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों के साथ संवाद में कहा, “भारत की लंबी तटरेखा आपका इंतजार कर रही हैं। भारत के मेहनती लोग आपका इंतजार कर रहे हैं। हमारे बंदरगाहों में निवेश करें, हमारे लोगों में निवेश करें। भारत को अपना पसंदीदा व्यापार स्थल बनने दें। भारतीय बंदरगाहों को आपके व्यापार और वाणिज्य का बंदरगाह बनने दें।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य आत्मानिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करते हुए बुनियादी ढांचे का विकास करना है। उन्होंने कहा कि अब भारत पूरे क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रमुख बंदरगाहों की क्षमता 2014 में 870 मिलियन टन से बढ़कर अब 1550 मिलियन टन हो गई है।

प्रधानमंत्री ने दुनिया के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक और आईओआर देशों के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों पर भारत के फोकस के साथ, भारत ने बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने और 2026 तक आपसी समझौतों को सुविधाजनक बनाने की योजना बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि भारतीय बंदरगाहों में आसान डेटा प्रवाह के लिए डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी, डायरेक्ट पोर्ट एंट्री और एक अपग्रेडेड पोर्ट कम्युनिटी सिस्टम (पीसीएस) है। इन बंदरगाहों ने इनबाउंड और आउटबाउंड कार्गो के लिए प्रतीक्षा समय कम कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 2030 तक 23 घरेलू जलमार्गों को चालू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। सरकार जलमार्ग में पहले से कहीं ज्यादा निवेश कर रही है। घरेलू जलमार्ग माल ढुलाई के लिए प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल तरीका साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि कोच्चि, मुंबई, गुजरात और गोवा जैसे प्रमुख राज्यों और शहरों में शहरी जल परिवहन प्रणालियों को शुरू करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

मैरीटाइम समिट में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में विशाल समुद्र तट पर 189 प्रकाश-स्तंभ मौजूद हैं। सरकार ने इनमें से 78 प्रकाशस्तंभों से सटे भूमि में पर्यटन को विकसित करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार घरेलू शिप बिल्डिंग और शिप रिपेयर मार्केट पर भी ध्यान दे रही है। घरेलू जहाज निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय शिपयार्ड के लिए जहाज निर्माण वित्तीय सहायता नीति को मंजूरी दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में सागर मंथन- मर्केंटाइल मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस सेंटर का शुभारंभ किया और ई-बुक मैरीटाइम इंडिया विजन-2030 जारी किया।

(हि.स)

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