National Update : प्रधानमंत्री मोदी बोले- कोरोना की वजह से चुनौतीपूर्ण रहा साल, भारत-बांग्लादेश के बीच रहा अच्छा सहयोग

  • मोदी और शेख हसीना ने भारत-बांग्लादेश के बीच 55 साल बाद रेल लिंक का किया उद्घाटन
  • प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश को बताया ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी का प्रमुख स्तंभ

नई दिल्ली, 17 दिसम्बर । भारत और बांग्लादेश के बीच आयोजित डिजिटल शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शेख हसीना ने हिस्सा लिया। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संयुक्त रूप से भारत और बांग्लादेश के बीच चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लिंक का 55 साल बाद उद्घाटन किया। दोनों ने संयुक्त रूप से बंगबंधु-बापू डिजिटल एग्जीबिशन और शेख मुजीबुर रहमान पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। इस मौके पर जहां नरेन्द्र मोदी ने भारत के ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया, वहीं शेख हसीना ने भारत के सहयोग की सराहना की।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘विजय दिवस के तुरंत बाद आज की हमारी मुलाकात विशेष महत्व रखती है। एंटी-लिबरेशन ताकतों पर बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत को आपके साथ विजय दिवस के रूप में मनाना हमारे लिए गर्व की बात है।’ उन्होंने कहा कि अगले साल बांग्लादेश यात्रा के निमंत्रण के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं। आपके साथ बंगबंधु को श्रद्धांजलि अर्पित करना मेरे लिए गर्व की बात होगी। वहीं, प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश को नेबरहुड फर्स्ट नीति का प्रमुख स्तंभ बताते हुए कहा कि उनके साथ संबंधों मे मजबूती और गहराई लाना मेरे लिए पहले दिन से ही विशेष प्राथमिकता रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना काल में भारत और बांग्लादेश का अच्छा सहयोग रहा है, वैक्सीन के काम में भी दोनों का सहयोग बना रहेगा। मोदी बोले कि दोनों देश कनेक्टविटी पर जोर दे रहे हैं, जो हमारी दोस्ती को दिखाता है। शेख हसीना ने कहा कि कोरोना काल में दोनों देश और करीब आए हैं, दोनों देशों के लोगों के बीच में भी आपसी संबंध मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने इस साल में कई कनेक्टविटी के नए काम शुरू किए हैं।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ आभासी शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि भारत सरकार ने जिस तरह से कोविड-19 महामारी का मुकाबला किया है, उसके लिए आपकी जितनी सराहना की जाए कम है। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों ही विजय दिवस मना रहे हैं। उन्होंने 1971 की जंग में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि भी दी। शेख हसीना ने कहा कि ‘मैं उन 30 लाख शहीदों को गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं जिन्होंने अपना जीवन लगा दिया। मैं 1971 की लड़ाई में शहीद हुए भारतीय सशस्त्र बलों के सदस्यों को श्रद्धांजलि देती हूं। मैं भारत के सरकार और लोगों का आभार व्यक्त करती हूं जिन्होंने हमारी मुक्ति के लिए पूरे दिल से समर्थन दिया।’

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 50 साल मनाने के कगार पर है। 26 मार्च 2021 को पीएम मोदी की ढाका यात्रा बांग्लादेश मुक्ति युद्ध 1971 के हमारे संयुक्त स्मरणोत्सव की शानदार महिमा और गर्व की बात होगी। बुधवार को बांग्लादेश के पाकिस्तान से अलग होने के 49 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में सभी धर्म और जाति के लोगों को समान अधिकार प्राप्त हैं।

(हि.स.)

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