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हथियार छोड़ मुख्य धारा में लौट आएं नक्सली, वरना मारे जाएंगे : डीजीपी

  • डीजीपी ने मुठभेड़ में पांच नक्सलियों को ढेर करने वाली टीम को किया सम्मानित

पश्चिमी सिंहभूम। जिले के गुवा और जेटेया थाना क्षेत्रों के लिपुंगा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सोमवार को हुई मुठभेड़ में पांच नक्सली ढेर हो गए थे। इस दौरान दो नक्सली गिरफ्तार भी किए गए थे। डीजीपी अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को जवानों की हौसला अफजाई की। उन्होंने सुरक्षा बलों की पूरी टीम को चाईबासा पुलिस केंद्र में सम्मानित किया।

चाईबासा पुलिस लाइन में आयोजित सम्मान समारोह में ऑपरेशन में शामिल सीआरपीएफ, कोबरा, जगुआर और जिला पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों को डीजीपी अजय कुमार सिंह ने पुरस्कृत किया। अजय कुमार सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि यह पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। चाईबासा में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाते हुए पांच को ढेर कर दिया और दो नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

डीजीपी ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला पूरे झारखंड का सबसे बड़ा जिला है। साथ ही सबसे बड़ा नक्सल प्रभावित क्षेत्र भी है। ऐसे में इस तरह की उपलब्धि राज्य के लिए गौरव की बात है कि सुरक्षा बलों ने दो वर्षों के ऑपरेशन के दौरान इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौट आएं।

डीजीपी ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलता रहेगा। नक्सली या तो हिंसा का मार्ग, हथियार छोड़कर मुख्य धारा में शामिल हों अन्यथा ऐसे ही मारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के अति नक्सल प्रभावित जिलों में झारखंड का चाईबासा 12वां जिला है और झारखंड में पहला जिला है जो अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। जल्द ही सारंडा और इस जिले को नक्सली मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा।

इस मौके पर चाईबासा एसपी आशुतोष शेखर एवं जिला पुलिस के पदाधिकारी, आईजी ऑपरेशन एवी होमकर, सीआरपीएफ के डीआईजी एसके लिंडा, जोनल आईजी अखिलेश झा, एडीजी ऑपरेशन संजय आनंद लाठकर, झारखंड जगुआर डीआईजी इंद्रजीत महथा समेत वरीय पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

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