पीपीएफ खातों में ‘नॉमिनी’ से जुड़ी जानकारी में बदलाव के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा: वित्त मंत्री
नई दिल्ली। सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खातों के लिए ‘नॉमिनी’ बनाने, जोड़ने या उसमें कोई बदलाव करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, क्योंकि सरकार ने अधिसूचना के जरिए कई आवश्यक बदलाव किए हैं। लघु बचत योजनाओं के लिए नामांकन रद्द करने या उसमें बदलाव करने के लिए 50 रुपये का शुल्क को समाप्त कर दिया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने गुरुवार को ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी बयान में लिखा, हाल ही में पीपीएफ खातों में ‘नॉमिनी’ व्यक्ति के विवरण को जोड़ने या संशोधित करने के लिए वित्तीय संस्थानों द्वारा शुल्क लेने की जानकारी मिली है। दरअसल ‘नॉमिनी’ के पास मूल खाताधारक की राशि पर कानूनी अधिकार होता है। सीतारमण ने कहा कि पीपीएफ खातों के लिए नामांकित व्यक्तियों के अपडेशन पर किसी भी तरह के शुल्क को हटाने के लिए 2 अप्रैल की राजपत्र अधिसूचना के जरिए सरकारी बचत संवर्धन सामान्य नियम 2018 में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजपत्र अधिसूचना में सरकार के द्वारा संचालित लघु बचत योजनाओं के लिए नामांकन रद्द करने या उसमें बदलाव करने के लिए 50 रुपये का शुल्क को समाप्त कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि हाल ही में पारित बैंकिंग संशोधन विधेयक 2025 में जमाकर्ताओं के पैसे, सुरक्षित अभिरक्षा में रखे गए सामान एवं सुरक्षा लॉकर के भुगतान के लिए अधिकतम चार लोगों को ‘नॉमिनी’ बनाने की अनुमति है। इस विधेयक में एक और बदलाव बैंक में किसी व्यक्ति के ‘‘पर्याप्त कर’’ शब्द को फिर से परिभाषित करने से संबंधित है। इस सीमा को मौजूदा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया है। मौजूदा दर को लगभग छह दशक पहले तय किया गया था।