1962 के बाद परमाणु खतरा सबसे ज्यादा:बिडेन

वाशिंगटन, 07 अक्टूबर। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा है कि 1962 में क्यूबा मिसाइल संकट के बाद वर्तमान में परमाणु महायुद्ध का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है। यह जानकारी बीबीसी ने शुक्रवार को दी।

श्री बिडेन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब यूक्रेन में प्राप्त असफलताओं के बाद सामरिक परमाणु हथियारों का उपयोग करने की बात कर रहे थे तो वह बिल्कुल मजाक नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका पता लगाने की कोशिश कर रहा था कि पुतिन युद्ध से कैसे बाहर आते हैं।
अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि पुतिन की परमाणु धमकी को गंभीरता से लेना चाहिए।

हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पिछले सप्ताह कहा था कि मास्को से परमाणु संकेत प्राप्त होने के बावजूद, इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि रूस परमाणु हथियार का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है।
यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला करने के बाद से रुस द्वारा कब्जा किए गए क्षेत्रों को यूक्रेन फिर से प्राप्त कर रहा है, जिसमें रूस द्वारा हाल ही में अवैध रूप से कब्जा किए गए चार क्षेत्र भी शामिल हैं।

अमेरिका कई महीनों से चेतावनी दे रहा है कि अगर रूस को युद्ध के मैदान में असफलता हाथ लगी तो वह सामूहिक विनाश वाले हथियारों का उपयोग कर सकता है।
पिछले शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति ने कहा था कि अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में जापान के खिलाफ परमाणु हथियारों का उपयोग करके एक मिसाल कायम की थी। उन्होंने रूसी क्षेत्र की रक्षा के लिए हर साधन का उपयोग करने की भी धमकी दी थी।

राष्ट्रपति बिडेन ने कहा “ इसलिए जब रूसी नेता सामरिक परमाणु, जैविक या रासायनिक हथियारों का उपयोग करने की बात करते हैं तो वह मजाक नहीं कर रहे होते हैं क्योंकि उनकी सेना, आप कह सकते हैं, बहुत खराब प्रदर्शन कर रही है।”

श्री बिडेन ने कहा कि “क्यूबा मिसाइल संकट के बाद पहली बार हमारे लिए परमाणु हथियारों का उपयोग एक सीधा खतरा है, अगर सभी चीजें वास्तव में उसी रास्ते पर चलती है जिस रास्ते पर वे जा रहे थे। कैनेडी और क्यूबा मिसाइल संकट के बाद से हमने महायुद्ध की संभावना कभी नहीं देखी है।”

वार्ता

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