नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को फंड देने के निर्णय में देरी पर हाईकोर्ट ने कहा यह अदालत की अवमानना जैसा

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रांची, 11 फरवरी : नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को फंड दिए जाने के मामले पर सरकार की ओर से निर्णय लेने में देरी और इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखाए जाने पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने फिर एक बार अपनी नाराजगी जतायी। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने कहा कि सरकार का यह रवैया कोर्ट की अवमानना जैसा है।

कोर्ट ने काफी पहले ही सरकार को यूनिवर्सिटी को सभी संसाधन और जरूरतें पूरा करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके कैबिनेट ने वन टाइम फंड देने का निर्णय लिया। यह गंभीर मामला है। सरकार को अपना रवैया बदलना होगा। इसके बाद सरकार की और से कहा गया कि यूनिवर्सिटी को आधारभूत संरचना और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार विचार कर रही है।

जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया जाय । सरकार के इस जवाब पर कोर्ट ने कहा कि उम्मीद है कि अगली बार सरकार सकारात्मक निर्णय के साथ शपथपत्र दाखिल करेगी। अदालत ने सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई की तिथि 25 फरवरी निर्धारित की। रांची के नगड़ी स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को लेकर हाईकोर्ट काफी संजीदा है और लगातार इस मामले में नजर बनाये हुए है।

हिन्दुस्थान समाचार

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