संसद ने वित्त विधेयक 2025 को दी मंजूरी, बजट की प्रक्रिया पूरी
नई दिल्ली, 27 मार्च । संसद के उच्च सदन राज्यसभा ने गुरुवार को वित्त विधेयक 2025 को 35 सरकारी संशोधनों के साथ लोकसभा को लौटा दिया, जिसमें ऑनलाइन विज्ञापनों पर 6 फीसदी डिजिटल कर को समाप्त करने वाला संशोधन भी शामिल है। सदन ने विनियोग विधेयक (3) को भी ध्वनिमत से वापस कर दिया। इस तरह 1 फरवरी, 2025 से शुरू हुई वित्त वर्ष 2025-26 की बजटीय प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके साथ ही राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित हो गई।
इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में विचार के लिए विनियोग (सं. 3) विधेयक, 2025 और वित्त विधेयक, 2025 पेश किए थे। इसके बाद में शाम को वित्त विधयेक, 2025 पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय की प्रवृत्ति सावधानी बरतने और राजस्व को हाथ से जाने नहीं देने की होगी। लोकसभा ने 25 मार्च को वित्त विधेयक 2025 और 21 मार्च को विनियोग (सं. 3) विधेयक, 2025 ध्वनिमत से पारित किया था।
राज्यसभा में वित्त विधेयक, 2025 और विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2025 पर चर्चा पर का जवाब देते हुए हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त मंत्रालय की प्रवृत्ति सावधानी बरतने और राजस्व को हाथ से जाने न देने की होगी। लेकिन, यहां हम इस अवसर का उपयोग भारतीय करदाताओं के प्रति अपना सम्मान दिखाने के लिए करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि हमने 12 लाख रुपये की सीमा तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसके बाद इसके दायरे में आने वाले किसी को भी कोई टैक्स नहीं देना होगा।
सीतारमण ने वित्त विधयेक, 2025 पर चर्चा का जबाव देते हुए सदन को बताया कि दरों की बहुलता और अनुपालन बोझ को कम करने के लिए कुछ टीसीएस दरों को कम करने और स्रोत पर कर कटौती यानी स्रोत पर संग्रह की जरूरत के लिए कुछ सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि कई निर्यातकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उन्होंने समय बढ़ाने का अनुरोध किया। इसके जवाब में हमने 6 महीने से एक वर्ष तक की मोहलत दी है। इसके साथ ही कहा कि यदि कोई वस्तु बिना शुल्क के आयात की गई थी और निर्यातक इसे निर्यात करना चाहता है, तो अब उनके पास उस 1 वर्ष के अंदर इसका अनुपालन करने के लिए पूरा एक साल है।
वित्त मंत्री ने राज्यसभा में वित्त विधेयक, 2025 और विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2025 पर चर्चा पर का जवाब देते हुए हुए कहा कि 1 जनवरी, 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए केंद्र सरकार के सभी पेंशनभोगी 1 जनवरी, 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के समान पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन को बताया कि केंद्र सरकार की योजना वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में बाजार से आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने की है।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 में कुल व्यय 50.65 लाख करोड़ रुपये का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.4 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित कुल पूंजीगत व्यय 11.22 लाख करोड़ रुपये है और प्रभावी पूंजीगत व्यय 15.48 लाख करोड़ रुपये है। इसमें 42.70 लाख करोड़ रुपये का सकल कर राजस्व संग्रह और 14.01 लाख करोड़ रुपये का सकल उधार प्रस्तावित है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, 1 अप्रैल, 2025 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 5,41,850.21 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसकी तुलना में चालू वित्त वर्ष के लिए 4,15,356.25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि संसद के दोनों सदनों से वित्त विधेयक 2025 को ध्वनिमत से पारित किए जाने के बाद 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट की प्रक्रिया पूरी हो गई है।