Poisonous liquor in Bihar : बिहार में जहरीली शराब पीने से अबतक 26 की मौत

पटना। बिहार में शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद प्रशासन जहरीली शराब पर अंकुश लगाने में फेल होता दिख रहा है। बुधवार को जहरीली शराब पीने से होने वाली मौत का जो सिलसिला शुरू हुआ था वो रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अबतक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। गोपालगंज में 17 जबकि बेतिया में 9 लोगों ने दम तोड़ दिया है। हालांकि प्रशासन मौत का आंकड़ा काफी कम बता रहा है। प्रशासन जहां मौतों को संदिग्ध बता रहा है। वहीं ग्रामीणों ने जहरीली शराब पीने से मौत होने की आशंका जताई है। एसपी ने बताया कि संदिग्ध मौत के मामले की तफ्तीश की जा रही है। एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद असली कारणों का पता चलेगा। वहीं बेतिया में पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

बेतिया के नौतन प्रखंड दक्षिण तेलवा पंचायत में एक ही गांव के 16 लोगों की मौत से कोहराम मचा है। इस वजह से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। शोक के कारण गांववालों ने दीवाली नहीं मनाई। बेतिया मेडिकल कॉलेज में चार लोग भर्ती हैं। मोतिहारी और गोपालगंज मे भी कुछ लोग चोरी-छिपे इलाज करवा रहे हैं। पुलिस आस-पास के गांव में छापेमारी कर रही है। अब तक दो महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आईजी के अलावा डीएम-एसएसपी सहित सभी वरीय अधिकारी गांव में जमे हुए हैं। कुछ महीने पहले भी बेतिया में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत हो गई थी। हैरानी की बात यह है कि पुलिस उस केस में भी अबतक खाली हाथ है।

बिहार में पिछले 10 दिनों में शराब पीने से मौत होने का तीसरा मामला सामने आया है। इस मौके पर बिहार के मंत्री जनक राम ने गोपालगंज का दौरा किया। उन्होंने कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह एनडीए सरकार को बदनाम करने की साजिश है। वहीं पुलिस के अनुसार कुछ मृतकों के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

प्रशासन मौत के कारणों की पुष्टि नहीं कर रहा है। गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जबतक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती तबतक पुष्टि नहीं की जा सकती। फिलहाल तीन टीमें मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस ने घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस साल जनवरी से लेकर 31 अक्टूबर तक शराब पीने से नवादा, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्परपुर, सीवान और रोहतास जिलों के करीब 70 लोगों की मौत हो गई है। कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली गई है। बता दें कि बिहार में शराबबंदी लागू है। नीतीश सरकार ने 5 अप्रैल, 2016 को बिहार में शराब बनाने, व्यापार करने, रखने, लाने-ले जाने, बेचने और पीने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद यहां आए दिन शराब की खेप पकड़ी जाती है और इसके कारण लोगों की मौत होती है।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *