Poor People News : देश में चार लाख से ज्यादा भिखारी : केंद्र सरकार

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नई दिल्ली। देश में भिखारियों और खानाबदोशों की संख्या चार लाख 13 हजार 670 है, जिनमें बाल भिखारियों (15 वर्ष से कम उम्र के) की संख्या 45 हजार 296 है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने मंगलवार को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में जानकारी देते हुए कहा कि यह आंकड़े वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भिखारियों और खानाबदोशों के पुनर्वास और जीवन स्तर में सुधार को लेकर केंद्र सरकार 10 शहरों में परियोजनाएं चला रही है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया

कटारिया ने बताया कि भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों के जीवन स्तर में सुधार किए जाने को लेकर मंत्रालयीय स्तर पर दस शहरों में पुनर्वास योजना चलाई गई है।

इनमें मुख्यत: अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, इंदौर, लखनऊ, मुंबई, नागपुर और पटना शहर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन शहरों में भिक्षुक बच्चों को जागरूक करने, उनके पुनर्वास, चिकित्सा सुविधा, शिक्षा एवं कौशल विकास संबंधी परामर्श की व्यवस्था भी की गई है। इस कोशिश के जरिए सरकार जीविकोपार्जन के लिए सड़कों पर घूमने वाले बच्चों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने की योजना पर काम कर रही है।

जानकार सूत्र इस बात से इतेफाक नहीं रखते कि भारत जैसे बड़े देश में सिर्फ और सिर्फ भिखारियों की संख्या चार लाख के लगभग सरकारी आंकड़ों में है उनका मानना है कि यदि केंद्र सरकार और एनजीओ मिलकर सही रूप से सर्वे करेंगे तो लगभग यह संख्या 50 लाख के पार होगी। दुर्भाग्य है कि देश मे जितनी भी सरकों आई उन्होंने सिर्फ गरीबी हटाओ का नारा जोर-शोर से बुलंद किया और गरीबों की संख्या को बढ़ाया और उसी में से भिखमंगों की संख्या भी काफी बढ़ी जो एक दुखद मानवीय त्रास्दी है।

-Agency

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