Press Club Election Ranchi : रांची प्रेस क्लब, चुनावी चक्कर में 50 पत्रकार

Insight Online News

श्याम किशोर चौबे
इनसाइट ऑनलाइन न्यूज़

द रांची प्रेस क्लब का तृतीय द्विवार्षिक चुनाव 26 दिसंबर को प्रस्तावित है। अगले दिन 27 दिसंबर को  मतगणना होगी, जबकि इसके पूर्व 24 दिसंबर को वर्तमान कमिटी एजीएम कर अपना हिसाब-किताब और आशा-आकांक्षाएं सार्वजनिक करेगी। इस चुनाव में 877 मतदाता सदस्य भाग लेंगे, जिनमें 90 के करीब अंचल के यानी रांची जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकार शिरकत करेंगे। इस महिमामंडित संस्था के कुल जमा 15 पदोें के लिए 50 पत्रकारों ने नामांकन दाखिल किया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह सचिव तथा कोषाध्यक्ष के एकल पद हैं, जबकि 10 पद मैनेजिंग कमिटी के सदस्यों के हैं।

सर्वज्ञात है कि तत्कालीन एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने वादे के मुताबिक रिकार्ड समय में मोरहाबादी मैदान के निकट अत्यंत भव्य प्रेस क्लब भवन बनवाकर पत्रकारों को समर्पित किया था। उसके बाद इसकी मैनेजिंग कमिटी के लिए 2017 में हुए  पहले चुनाव में राजेश सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उस समय दो ग्रुप चुनाव मैदान में उतरे थे। दूसरे ग्रुप में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी थे, दैनिक प्रभात खबर के तत्कालीन स्थानीय संपादक विजय पाठक। उसी समय मतदाता पत्रकारों में एक अजीब सी प्रवृत्ति पनप गई थी कि अखबारों में बाॅसिज्म करनेवाले संपादक यदि प्रेस क्लब में भी बाॅस बन जाएंगे तो सही नहीं रहेगा। यही कारण था कि अपनी तमाम अच्छाइयों के बावजूद विजय पाठक और उनके ग्रुप के सदस्य चुनाव जीत नहीं पाए थे।

दूसरी बात यह भी थी कि चुनाव के पूर्व एडहाॅक रूप से प्रेस क्लब चला रही कमिटी, जिसमें बलबीर दत्त जैसे अनुभवसिद्ध पत्रकार शामिल थे, ने इस संस्था की सदस्यता के लिए दस हजार रुपये शुल्क की बात चलाई लेकिन तय किया  2,100 रुपये। पत्रकारों की नई पीढ़ी यह भी अधिक मान रही थी। उसका विरोध रंग लाया और अंततः 1,100 रुपये पर बात बनी। राजेश सिंह, शंभूनाथ चैधरी आदि ने मुखर विरोध किया। वे लोग जीते भी।  दो वर्ष बाद 2019 में हुए चुनाव में भी लगभग यही हाल रहा। राजेश सिंह इस बार भी प्रत्याशी बने, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी के तौर पर प्रभात खबर के ही तत्कालीन संपादक संजय कुमार मिश्र मैदान में थे। जीत राजेश सिंह की ही हुई।

अब, जबकि इस संस्था की स्थापना के चार वर्ष हो चुके हैं, इसका तीसरा चुनाव सामने है। इस बार अध्यक्ष पद के लिए तीन, उपाध्यक्ष पद के लिए पांच, सचिव पद के लिए तीन, सह सचिव पद के लिए सात और कोषाध्यक्ष पद के लिए चार तथा मैनेजिंग कमिटी सदस्य पद के लिए 28 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें प्रिंट मीडिया के अलावा इलेक्ट्रानिक और वेब मीडिया के साथ-साथ फोटो जर्नलिस्ट और अंचल के पत्रकारों ने भी पर्याप्त संख्या में अपनी उम्मीदवारी पेश की है।

किसी भी संस्था का अध्यक्ष सर्वाधिक महत्वपूर्ण पद होता है। इस बार इस पद के तीन प्रत्याशियों में प्रभात खबर के स्थानीय संपादक संजय कुमार मिश्र तो हैं ही, दैनिक हिंदुस्तान के अखिलेश कुमार सिंह तथा वेब मीडिया न्यूजविंग डाॅट काॅम के आनंद कुमार शामिल हैं। अखिलेश वर्तमान कमिटी में सचिव हैं, जबकि आनंद पहली कमिटी में सह सचिव थे। अलग-अलग पदों के प्रत्याशी जय शंकर कुमार हों कि जावेद अख्तर, रंगनाथ चौबे हों कि सुशील कुमार सिंह मंटू, प्रदीप सिंह हों कि पिंटू दुबे, प्रभात कुमार सिंह हों कि  शहरोज कमर वर्तमान या पूर्व की कमिटी में इन सबकी किसी न किसी हैसियत में भागीदारी रही है। ऐसे कुछ और नाम भी हैं। सच तो यह भी है कि जितने भी प्रत्याशी हैं, सबकी पहचान है और अपनी-अपनी खासियत भी। आज की तारीख में सभी महत्वपूर्ण हैं। जो जिसको पसंद आ जाए।

चुनावी चौपड़ ही नहीं सजी है, माहौल भी बन गया है। हकीकत यह भी है कि इन प्रत्याशियों में से कई तो साल भर से वैसे ही प्रयासरत रहे, जैसे विधायक या सांसद रहा करते हैं। पिछले चार वर्षों में जो गतिविधियां रही हैं, उनमें यह भी प्रतीत होता है जैसे कई महानुभाव प्रेस क्लब को पत्रकारों की विधानसभा मानकर चल रहे हों। सचाई कुछ अलग है। द रांची प्रेस क्लब का बाॅयलाॅज कुछ और कहता है। वह इसके सादगीपूर्ण चुनाव का हिमायती है, जबकि किसी न किसी रूप में बैनर-पोस्टर का भी इस्तेमाल होता रहा है। अंदर ही अंदर कतिपय राजनेता भी इसमें दिलचस्पी लेते रहे हैं। इस बार तो ह्वाट्सएप्प ग्रुप का भी चलन चल गया है। कहने की बात नहीं, जाति आदि की भी एक हद तक चर्चा है। ऐन चुनाव के मौके पर तीन-चार दिन पहले आनन-फानन में एक नया पत्रकार संगठन भी खड़ा किया गया, जिसमें कुछ पत्रकार वैसे ही वाम से दक्षिण हो गये, जैसे लोकसभा या विधानसभा चुनाव के पूर्व कई राजनेता हो जाया करते हैं। पत्रकारों और पत्रकारिता में जो दिलचस्पी रखते हैं, उनके लिए बेहद रंगीन समां बंध गया है।    

बहरहाल, चुनावी दौड़ में भाग ले रहे पत्रकारों की सूची इस प्रकार है-

  • अध्यक्ष: अखिलेश कुमार सिंह, आनंद कुमार और संजय कुमार मिश्र।
  • उपाध्यक्ष : अनुराग ठाकुर, प्रभात कुमार सिंह, विपिन उपाध्याय, पिंटू दुबे और जय शंकर कुमार।
  • सचिव: सत्यप्रकाश पाठक, जावेद अख्तर और दिव्यांशु कुमार।
  • सह सचिव: चंद्रशेखर सिंह, अभिषेक सिन्हा, मुकेश कुमार सिन्हा, रंगनाथ चौबे, एसएम खुर्शीद, अशोक कुमार गोप और सैय्यद शहरोज कमर।
  • कोषाध्यक्ष: कुमार सौरभ, सुशील कुमार सिंह मंटू, प्रदीप सिंह और कुबेर प्रसाद सिंह।
  • मैनेजिंग कमिटी सदस्य : मयंक कुमार सिंह, संजय कुमार रंजन, राकेश कुमार, दीपक जायसवाल, धर्मेंद्र गिरि, कृष्ण कुमार पांडेय, सैयद रमीज, विजय कुमार मिश्र, रूपम, चंद्रशेखर उपाध्याय, रामाशीष पांडेय, चंदन कुमार वर्मा, शकील अख्तर, अरविंद कुमार गुप्ता, राज वर्मा, अमलेश नंदन सिन्हा, माणिक बोस, किसलय शानू, विनय कुमार, आकाश कुमार, सूरज कुमार पंडित, परवेज कुरैशी, जय गोविंद प्रसाद, गुलाम शाहिद, सुनील कुमार गुप्ता, सुभाष शेखर, राजू प्रसाद और बसंत कुमार पंकज।
  • आउटगोइंग अध्यक्ष राजेश सिंह का कथन

चुनाव की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी मतदाता पत्रकार शांतिपूर्ण मतदान करें। अपने वोट का इस्तेमाल जरूर करें।

ऐसे प्रत्याशियों को चुनें, जो इस संस्था को और भव्य बनाएं। विरासत में अगली कमिटी को बहुत कुछ मिल रहा है।

मसलन, थ्री स्टार सुविधाओं युक्त 14 कमरे हैं, छह हजार पुस्तकें और पत्रिकाएं हैं, जीम है, टीटी और कैरम की सुविधा है। एक अच्छी कैफेटेरिया है, जो राजधानी में स्विगी  सप्लाई में अव्वल है। 

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