Price hike update : बढ़ती महंगाई की मार क्या अगले चुनाव में केंद्र में सत्तासीन भाजपा को बाहर का रास्ता दिखायेगी?

प्रधानमंत्री मोदी की तरफ हाथ फैलाये महंगाई से राहत पाने की आस में देख रहे हैं लाचार लोग!

रोशी की रिपोर्ट

आम जनता को महंगाई के बोझ से मुक्त करने और घर-घर की बजट को सामान्य वर्ग सहित हर तपके की सुविधाजनक पहुंच तक रखने का बड़ा-बड़ा वादा करने वाली भाजपा आज के समय में इसके विपरित बहुत बहादुरी एवं शानदार तरीके से जनता को महंगाई के बोझ से लगातार त्रस्त कर रही है। यह कोई युक्ति नहीं है पर यह आज की जमीनी हकीकत है।

भाजपा बड़े-बड़े वादे कर सत्ता में काबिज हुई उन वादों में जहां राम मंदिर, धारा 370, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, तीन तलाक तो थे ही पर उन वादों में बेरोजगारों को रोजगार देना, गरीब और मध्यवर्गीय परिवार को महंगाई से मुक्त कराना और उनके घर के बजट को संतुलित रखना जैसे मुख्य रूप से किये गये वादों ने ही भाजपा को सत्ता में पहुंचाने का बड़ा काम किया।

राम मंदिर, धारा 370, तीन तलाक जैसे विषयों पर जिस तरह भाजपा ने सत्ता में आने के बाद अपने वादों को पूरा किया उसके साथ-साथ उसकी बड़ी जिम्मेवादी थी कि महंगाई की मार से आमजनों को बचाया जाये और देश में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत पहुंचाई जाये। क्या भाजपा सत्ता में काबिज होने के बाद अपने इन लोकलुभावन वादों और नारों को भूल गई? विरोधी दल दावा करते थे कि महंगाई जैसा दावा भाजपा का सिर्फ खोखला और लोकलुभावन है आप इसके चक्कर में मत पड़िये, लेकिन मतदाता खा गये बड़ा धोखा। आज जहां पेट्रोल -डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दामों ने भाजपा के खोखले नारों की पोल खोल दी है वहीं दाल, तेल और सभी खाद्यय पदार्थो में भी बेहताशा वृद्धि हुई है जिससे गृहणियां त्राहिमाम कर रही हैं।

भारतीय संस्कृति में हिंदू समाज जो भगवान राम को अपना आर्दश मानता है। इस भगवान राम का मंदिर अयोध्या में ही बने इसकी कल्पना से प्रभावित होकर हिंदू समाज को ये भरोसा था और रहेगा कि उनके आदर्श भगवान राम का मंदिर अयोध्या में बनाने और बनवाने का कार्य सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। इस दिशा में पहल हो इसलिए भाजपा को देश की सत्ता पर बैठाया जाये और यह काम बखूबी मतदाताओं ने कर दिखाया।

बड़ा सवाल यह है कि भगवान राम के ’’रामराज्य’’ में आमजन बहुत सुखी जीवनयापन करते थे क्योंकि उन्हें तंगहाली और महंगाई की बदहाली से कभी गुजराना ही नहीं पड़ा। यही थी भगवान राम की महिमा। मंदिर तो बन जायेगा पर क्या जिनके द्वारा बनेगा या जिनके सत्ता में रहते बनेगा उनको अच्छा लगेगा कि उनके विपरित नारों से गरीब और मध्यमवर्गीय महंगाई का दंश झेलते हुये राम-राम करते रहेंगे और बदहाली का जीवनयापन करते रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की तरफ हाथ फैलाये महंगाई से राहत पाने की आस में देख रहे हैं लाचार लोग!

भाजपा जिस तरह जनमत से केंद्र की सत्ता में 2014 और 2019 में आई तो क्या जो महंगाई और अन्य बोझ की परिस्थितियां बन रही है अगले चुनाव आते-आते आवाम भाजपा को खुशी-खुशी गुडबाॅय नहीं कहेगी!

चारों तरफ जब महंगाई को बोलबाला है वो कुछ साफगोशी वाले समाचार पत्रों में तो नजर आता है, जमीनी हकिकत है कि उससे कहीं अधिक महंगाई का दंश झेल रहीं गृहणियों एवं आम लोगों को चुभन दे रहा है।

देश में बहुत से दलों की सरकारें आईं और गईं अब जिसमें उन दलों की सरकारों को याद किया जाने लगा है जिनके समय में महंगाई दर नगण्य रही है और उनकी ओर आमजनों का रूझान बढ़ता चला जा रहा है जो आने वाले एवं होने वाले लंबे समय के बाद चुनाव में अपना रंग दिखायेगा। क्या वह रंग केंद्र में सत्तासीन भाजपा को बाहर का रास्ता दिखायेगा?

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