पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रिश्वतखोरी में फंसे अपने ही मंत्री को किया बर्खास्त, ACB ने किया गिरफ्तार

चंडीगढ़। अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार विरोधी मॉडल के तहत पंजाब की भगवंत मान सरकार ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने मंत्री को बर्खास्त कर दिया। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला के खिलाफ भ्रष्टाचार में लिप्त होने के पुख्ता सबूत मिले थे। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने विजय सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी से भी सिंगला के निष्कासन की तैयारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला अधिकारियों से ठेके पर एक पर्सेंट कमीशन की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। देश के इतिहास में दूसरी बार एक मुख्यमंत्री ने सीधे अपने मंत्री पर कड़ी कार्रवाई की है। भगवंत मान ने कहा कि जनता ने बहुत उम्मीदों से आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई है, उस उम्मीद पर खरा उतरना हमारा कर्तव्य है। एक प्रतिशत भ्रष्टाचार भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मान ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने वचन लिया था कि भ्रष्टाचार के सिस्टम को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे, हम सब उनके सिपाही हैं। 2015 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने एक मंत्री को भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त किया था। आज देश में ऐसा दूसरी बार हो रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विजय सिंगला के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के भी निर्देश दे दिए हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने अपनी गलती मान ली है।

प्रसिद्ध दंत सर्जन हैं डॉ. सिंगला

एक आम डॉक्टर से मंत्री पद पर पहुंचे डॉ. विजय सिंगला ने अपनी बीडीएस की शिक्षा राजिंदरा मेडिकल कॉलेज पटियाला से पूरी की। उनके पिता केशोराम सिंगला गांव भुपाल कलां में एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे जो बाद में मानसा आकर रहने लगे। करीब 10 वर्ष पहले ही सिंगला आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और इस बार उन्हें मानसा विधानसभा से आप ने टिकट दी। डॉ. सिंगला ने मानसा से कांग्रेस के प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला को 60 हजार से अधिक वोटों से हराया था।

-एजेंसी

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