Rajab-ul-Murajjab : रजब-उल-मोरज्जब: खुशियों की सौगात लाया रजब का महीना

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अल्लाह ने महीनों में से चार महीनों का इंतखाब किया है। रजब, जीकाद, जिलहिज्जा व मोहर्रम जबकि रजब, शाबान व रमजान बरकत वाले महीने हैं। हुजूरे अकरम ने फरमाया कि रजब का महीना खुदा का अजीम महीना है। इसकी फजीलत को कोई नहीं पा सकता। इस महीने में काफिरों से जेहाद को भी हराम करार दिया है। हुजूर फरमाते हैं कि रजब खुदा का महीना है। शाबान मेरा महीना है और माहे रमजान मेरी उम्मत का महीना है।

अगर कोई शख्स माहे रजब में रोजा रखे तो अल्लाह की खुशनूदी का हकदार होगा और उसके गजब से महफूज हो जाएगा। उसके लिए जहन्नम के दरवाजे बंद हो जाएंगे। इमाम जाफर सादिक फरमाते हैं कि रसूले अकरम ने फरमाया है कि रजब मेरी उम्मत के लिए अस्तगफार का महीना है। इस महीने जो रोजा रखेगा तो उसके लिए जो सवाब है वह खुदा के अलावा कोई नहीं जानता।

इसके अलावा माहे रजब के बारे में रसूले अकरम ने फरमाया है कि इस महीने में एक रात ऐसी है कि अगर इस रात इबादत की जाए तो परवर दिगार 60 साल की इबादत का सवाब देगा और वह रात शायद रजब की पहली शबे जुमा है या शबे 27 रजब। इस महीने में रोजा रखना, फकीरों को सदका देना और अपने खानदान वालों से मुलाकात करने का बहुत ज्यादा सवाब है। कयामत के दिन अल्लाह आवाज देगा रजबी लोग कहां हैं तो कुछ लोग खड़े होंगे जिन्हें परवर दिगार बगैर हिसाब किताब के जन्नत में दाखिल करेगा। ये वे लोग होंगे जिन्होंने रजब में कम से कम एक रात इबादत की होगी।

रजब का महीना जहां बरकतों के साथ सौगात लेकर आया वहीं गम और खुशी भी इस महीने की पहचान है। इस महीने की 13 को मुसलमानों के खलीफा हुजूरे अकरम के दामाद हजरत अली की वेलादत हुई थी। 26 को मुसलमानों के आखिरी नबी हजरत मोहम्मद मुस्तफा मेराज पर गए थे। 27 को अल्लाह ने रसूल को खुलकर एलाने रेसालत करने का हुक्म दिया था। जबकि 28 को हुजूरे अकरम के नवासे इमाम हुसैन ने मदीना से मक्का का सफर किया था।

इस महीने में जहां मुसलमान महफिल कर खुशियां मनाएंगे वहीं कुछ तारीखों में गम के आंसू भी निकलेंगे। 13 तारीख को कस्बे के नयागंज स्थित मस्जिद में तरही महफिल होगी जबकि इसी दिन दोपहर दस बजे शिया जामा मस्जिद में महफिल का आयोजन किया गया है। 26 को मुसलमानों के आखिरी नबी हजरत मोहम्मद मुस्तफा को अल्लाह ने अपने पास बुलाकर मेराज अता की थी। 28 को अंसारगंज स्थित सद्र इमाम बारगाह में जुलूसे सफरे हुसैनी का कार्यक्रम होगा।

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