राजस्थान : नोटिस का जवाब देने के बाद जोशी, धारीवाल और राठौड़ पहुंचे दिल्ली, आलाकमान के सामने रखेंगे अपना पक्ष

जयपुर, 12 अक्टूबर। कांग्रेस की अनुशासन समिति को ई-मेल के माध्यम से कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के बाद अब गहलोत गुट के तीनों नेता केबिनेट मंत्री महेश जोशी, शांति धारीवाल और आरटीडीसी चैयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ बुधवार सुबह दिल्ली पहुंच गए हैं। पार्टी आलाकमान ने राजस्थान में सियासी संकट के लिए इन तीनों नेताओं को दोषी माना था। इसके बाद इन्हें नोटिस जारी किए गए थे। अब नोटिस का जवाब मिलने के बाद आलाकमान ने तीनों नेताओं को दिल्ली तलब किया है।

जानकारी के मुताबिक मंत्री महेश जोशी, मंत्री शांति धारीवाल और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ बुधवार सुबह दिल्ली पहुंच गए है। ये तीनों नेता बुधवार को अनुशासन समिति के समक्ष पेश होकर अपनी बात रख सकते है। साथ ही, तीनों नेता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात कर सकते है। तीनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी या फिर उन्हें माफी मिल जाएगी, यह मुलाकात के बाद ही साफ हो पाएगा। मंत्री शांति धारीवाल और धर्मेंद्र राठौड़ को समय पर नोटिस मिल गया था और दोनों ने छह सितंबर से पहले ही अपने जवाब आलाकमान को भेज दिए थे। लेकिन, मंत्री महेश जोशी को ये नोटिस ही छह अक्टूबर को मिला। उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 15 अक्टूबर तक का ही समय मिला था। महेश जोशी ने नोटिस मिलने के पांच दिन के भीतर यानी 10 अक्टूबर को कांग्रेस अनुशासन समिति को अपना जवाब भेज दिया है।

बताया जाता है कि महेश जोशी ने अनुशासन कमेटी को भेजे गए अपने जवाब में अजय माकन की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जवाब में जोशी ने लिखा है कि विधायक खुद आए थे, मैंने किसी को यूडीएच मंत्री के घर आने के लिए फोन नहीं किया। विधायक अपनी मर्जी से किसी मंत्री से मिलने जाते रहते हैं, जो एक सामान्य बात है। माकन की रिपोर्ट में महेश जोशी पर मुख्य सचेतक होते हुए भी विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने और शांति धारीवाल के घर विधायकों को बुलाने के आरोप लगा था।

25 सितंबर को राजस्थान में कांग्रेस आलाकमान की ओर से एक लाइन का प्रस्ताव पास करवाने के लिए विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। लेकिन, गहलोत गुट के कुछ विधायकों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया था और स्पीकर सीपी जोशी को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। इसके लिए आलाकमान ने मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ को जिम्मेदार मानते हुए 27 अक्टूबर को तीनों नेताओं को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था। ये नोटिस अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए थे।

(हि.स.)

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