Rajnath Singh : भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के साथ सैन्य संबंध भी : राजनाथ

  • उत्तराखंड के ‘सैनिक सम्मान समारोह’ में शामिल हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
  • कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हवलदार कुंदन सिंह कदयात को श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली, 20 नवम्बर । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के साथ-साथ एक सैन्य संबंध भी है। पिछले दिनों नेपाल के थल सेना अध्यक्ष जनरल प्रभुराम शर्मा को भारत के राष्ट्रपति ने ‘जनरल ऑफ द इंडियन आर्मी’ का आनरेरी रैंक प्रदान किया। अब लिपुलेख के रास्ते धारचुला होते हुए मानसरोवर तक जाने का रास्ता भी बन गया है। यह रास्ता सांस्कृतिक दृष्टि के साथ-साथ इस क्षेत्र में आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को उत्तराखंड के ‘सैनिक सम्मान समारोह’ में शामिल हुए और 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले हवलदार कुंदन सिंह कदयात को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े सात वर्षों में उत्तराखंड समेत पूरे देश में रेल-रोड और एयर कनेक्टिविटी की दृष्टि से ऐतिहासिक काम हुआ है। उत्तराखंड के चारों धाम के महत्व को देखते हुए एक ऑल वेदर रोड का निर्माण शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड के रूद्रपुर, हरिद्वार और इसी पिथौरागढ़ जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की मंज़ूरी दी है। सरकार का मानना है कि भारत के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज होना चाहिए, इसीलिए हर प्रदेश में एक एम्स खोलने की दिशा में काम चल रहा है। अब उत्तराखंड के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज भी खुल जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के भीतर देश में करीब 1200 ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं और जल्द ही पूरे देश में 4000 पीएसए प्लांट लगा दिए जाएंगे। आज हर गरीब परिवार को ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अन्तर्गत पांच लाख रुपये का ‘हेल्थ कवर’ मिला हुआ है। देश के हर किसान के खाते में 6000 प्रति वर्ष जमा हो रहे हैं। अब तो सरकार 2024 तक ‘हर घर में नल और हर नल में जल’ पहुंचाने का संकल्प लेकर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दौरान हम उन महापुरुषों को, उन वीरों-वीरांगनाओं को भी स्मरण कर रहे हैं जिन्होंने आजादी के लिए काम किया या बलिदान दिया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों की पेंशन से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए ‘समर्पित पेंशन शिकायत प्रकोष्ठ’ के माध्यम से 97 फीसदी मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। पहले बैटल कैज्युलटी के मामलों में केवल 02 लाख रुपये की अनुग्रह राशि ही दी जाती थी लेकिन हमने उसे चार गुना बढ़ाकर 08 लाख कर दिया है। पचास सालों में नौसेना और वायुसेना कर्मचारियों की पेंशन रेग्यूलेशन को संशोधन ही नहीं किया गया था लेकिन हमने दिसंबर 2020 में तीनों सेनाओं की पेंशन में संशोधन किया है। शार्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से सेना में आए अधिकारियों की शिकायत थी कि सेवा से मुक्त होने के बाद उन्हें रैंक लगाने की इजाजत नहीं थी लेकिन हमने उनकी वह शिकायत दूर कर दी है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साल 2006 से पहले रिटायर हुए हवलदार को नायब सूबेदार के रैंक में संशोधित पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा था। मगर हमारी सरकार ने 2006 से पहले सेवानिवृत हवलदार को मानद नायक सूबेदार का रैंक दिया जिससे उन्हें भी संशोधित पेंशन का लाभ मिल रहा है। ऐसे करीब 75,250 नायक सूबेदार हैं। इसी तरह दशकों से की जा रही ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की मांग भी पूरी की गई है। उन्होंने बताया कि कल जब मैं रेज़ांग ला गया तो वहां 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध के समय रिजांग ला की लड़ाई में कम्पनी कमांडर के तौर पर तैनात रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर आरवी जटार जी से मुलाक़ात हुई। इस उम्र में भी उनकी आंखों में देश प्रेम का जज़्बा देख कर स्वाभाविक रूप से मेरा हाथ उनके चरणों पर चला गया।

(हि.स.)

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