Rajnath Singh : सेना के कमांडरों से बोले राजनाथ- सरकार का फोकस सेनाओं की युद्धक क्षमता बढ़ाने पर

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के कमांडरों के बीच बुधवार को देश की सीमाओं की रक्षा करने और आतंकवाद से लड़ने के अलावा नागरिक प्रशासन को सहायता देने में सेना की निभाई गई शानदार भूमिका को सराहा। उन्होंने उत्तरी सीमाओं के साथ वर्तमान स्थिति पर भरोसा जताया कि हमारे सैनिक मजबूती से खड़े हैं, इसलिए संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए चल रही बातचीत जारी रहेगी। सम्मेलन के तीसरे दिन बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सम्मेलन में हिस्सा ले रहे सैन्य कमांडरों के साथ बातचीत की।

संबोधन से पहले भारतीय सेना की वर्तमान और भविष्य की योजनाओं पर संक्षिप्त जानकारी दी गई। 25 अक्टूबर को शुरू हुए सेना के कमांडरों के सम्मेलन का समापन 28 अक्टूबर को होगा। इसमें भारतीय सेना का शीर्ष नेतृत्व सीमाओं के साथ-साथ भीतरी इलाकों में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य की स्थिति और वर्तमान सुरक्षा तंत्र के लिए चुनौतियों के सभी पहलुओं पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श कर रहा है। इसके अलावा सम्मेलन में संगठनात्मक पुनर्गठन, रसद, प्रशासन और मानव संसाधन प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ समग्र राष्ट्रीय विकास में भी भारतीय सेना की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।

रक्षा मंत्री ने उत्तरी सीमाओं के साथ वर्तमान स्थिति पर भरोसा जताया कि हमारे सैनिक मजबूती से खड़े हैं, इसलिए संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए चल रही बातचीत जारी रहेगी। पश्चिमी सीमाओं की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमा पार आतंकवाद के लिए भारतीय सेना की प्रतिक्रिया की सराहना की। रक्षा मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खतरे से निपटने में पुलिस बलों और सेना के बीच उत्कृष्ट तालमेल है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में इस तरह का तालमेल क्षेत्र को समग्र विकास और विकास के विकास रास्ते पर ले जाने के साथ ही स्थिर और शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा है। रक्षा मंत्री ने टिप्पणी की कि सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का निर्णय एक और महत्वपूर्ण निर्णय है जो सभी अधिकारियों को उनके लिंग के बावजूद पेशेवर विकास के समान अवसर सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए चरम मौसम और शत्रुतापूर्ण ताकतों का सामना करने वाले हमारे सैनिकों को सर्वोत्तम हथियार, उपकरण और कपड़े उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार सुधारों और क्षमता विकास की राह पर सेना को आगे बढ़ाने के लिए सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सेनाओं की युद्धक क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि आत्मनिर्भर भारत की नीति रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भारतीय रक्षा उद्योग को सशस्त्र बलों की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।

(हि.स.)

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