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74 की उम्र में पहली बार केंद्र में मंत्री बने रामनाथ ठाकुर, राजनीति में आने नहीं देना चाहते थे पिता

नई दिल्ली /पटना। नरेंद्र मोदी ने 09 जून को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. मोदी कैबिनेट में बिहार से भी कई नेताओं को जगह मिली है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर के बेटे और जेडीयू कोटे से राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर को राज्य मंत्री बनाया गया है. रामनाथ ठाकुर अति पिछड़े समाज से आते हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीबी भी माने जाते हैं. वह राज्यसभा सांसद के रूप में जेडीयू संसदीय दल के नेता भी रहे हैं.

  • कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद बेटे ने रखा राजनीति में कदम

74 वर्षीय रामनाथ ठाकुर का जन्म 3 मार्च 1950 को हुआ था. बिहार के जननायक कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बड़े बेटे हैं. बता दें कि कर्पूरी ठाकुर ने वंशवाद का विरोध किया था और अपने कार्यकाल में उन्होंने अपने बेटों को राजनीति में कभी आगे नहीं किया था. हालांकि उनके निधन के बाद रामनाथ ठाकुर ने राजनीति में कदम रखा. पहली बार वह 1989 में बिहार विधान परिषद के सदस्य चुने गए. 1995 तक बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे.

  • कर्पूरी ठाकुर ने जिंदा रहते हुए इन्हें राजनीति से दूर रखा

रामनाथ ठाकुर का जन्म 3 मार्च 1950 को हुआ था। बड़े भाई डॉ विरेंद्र ठाकुर बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर थे। अब सेवानिवृत हो चुके हैं। इनके परिजनों की मानें तो जननायक कर्पूरी ठाकुर रामनाथ ठाकुर को राजनीति से दूर रखना चाहते थे। इस कारण इन्हें रोसड़ा के एरौत गांव में प्राइमरी शिक्षा के लिए भेजा गया। मैट्रिक की परीक्षा रामनाथ ठाकुर ने मोहिउद्ददीननगर के हाई स्कूल से पास की। इसके बाद इंटर पास किया। 23 साल की उम्र में इनकी शादी समस्तीपुर के ही आशा देवी से करवा दी गई। इन्होंने तीन पुत्रियां नमिता कुमारी, स्नेहा कुमारी, और अमृता कुमारी हुईं। साल 2020 में उनकी पत्नी आशा देवी की मौत हो गई। कर्पूरी ठाकुर ने जिंदा रहते हुए इन्हें राजनीति से दूर रखा।

  • बिहार सरकार में रह चुके हैं मंत्री

रामनाथ ठाकुर लालू प्रसाद यादव की सरकार में मंत्री भी रहे थे. 2005 के बाद वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ चले गए. मूल रूप से समस्तीपुर के रहने वाले हैं. नीतीश कुमार की सरकार में वह 2005 से 2010 तक विधायक रहे और सूचना जनसंपर्क विभाग एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री भी रहे.

इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2020 में उन्हें पहली बार राज्यसभा भेजा. बिहार में हुई जातीय गणना के बाद अति पिछड़ा की संख्या लगभग 36% प्रतिशत रही जिसके बाद रामनाथ ठाकुर का कद और ज्यादा बढ़ गया. इससे पहले मोदी सरकार ने अति पिछड़ा को लुभाने के लिए रामनाथ ठाकुर के पिता कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न दिया था. अब बेटे को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया है. समस्तीपुर के जीकेपी कॉलेज से इंटर पास रामनाथ तीन बेटियों के पिता हैं.

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