Road accident in Jharkhand : सड़क दुर्घटना में एक की मौत, लोगों ने की सड़क जाम

खूंटी, 1 अक्टूबर । निर्माण में बुनियादी त्रुटियों के लिए जानलेवा बनी खूंटी-सिमडेगा सड़क पर शुक्रवार सुबह हुए एक और हादसे ने महिला की जान ले ली। तेज रफ्तार कार ने तोरपा के थाना के दियांकेल स्थित प्रदान कार्यालय के पास शुक्रवार को सुबह हुई सड़क किनारे खड़ी दो कारों को ठोकर मारते हुए असरीन कंडुलना (34) की चपेट में ले लिया। इससे महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। असरीन अपनी बहन के बेटी को टयूशन से घर ले जाने के आयी थी और सड़क से दूर खड़ी होकर बच्ची का इंतजार कर रही थी। उसी दौरान खूंटी से सिमडेगा की ओर जा रही तेज रफ्तार मारुति स्वीफ्ट कार ने उसे धक्का मार दिया।

स्थानीय लोगों की मदद से असरीन को रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तोरपा के थाना प्रभारी अरविंद कुमार और अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और कार के चालक को हिरासत में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही दियांकेल पंचायत की मुखिया के अलावा तपकारा पंचायत के मुखिया सुदीप गुड़िया भी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन कुछ देर के बाद ही दियांकेल सहित आसपास के ग्रामीणें ने मुआवजे का तत्काल भुगतान और अन्य मांगों को लेकर खूंटी-सिमडेगा रोड को जाम कर दिया। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण मांगों को लेकर सड़क पर अड़े हुए हैं।

डोड़मा और तोरपा के बीच बार-बार हो रहे हैं हादसा

खूंटी-सिमडेगा रोड पर तोरपा थाना क्षेत्र के जिस क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क दुर्घटना हुई। वह क्षेत्र काफी खतरनाक माना जाता है। ज्ञात हो कि 13 सितंबर को तोरपा में ही चार चार सड़क दुर्घटनाएं हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी थी। इसके पहले 25 अगस्त को इसी सड़क पर चुरगी नदी के पास कार के पेड़ से टकरा जाने से चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी।

सड़क की अत्यधिक चिकनाई के कारण हो रही हैं दुर्घटनाएं

स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क की त्रुटियों को छिपाने के लिए सड़क निर्माता कंपनी शिवालया द्वारा सड़क पर केमिकलयुक्त अलकतरा को भारी मात्रा में डाल दिया गया है। इसके कारण सड़क काफी चिकनी हो गयी है। इस सड़क पर वाहन चलाने वाले कहते हैं कि हल्की बारिश होने के बाद गाड़ी में ब्रेक लगाने पर गाड़ी फिसलकर दूसरी ओर चली जाती है। 25 अगस्त की दुर्घटना के बाद ही विधायक कोचे मुंडा ने सड़क से चिकनाई हटाने का निर्देश दिया था, पर न तो विभाग ने इस ओर ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने। इसका परिणाम आये दिन हादसे के रूप में मिल रहे हैं।

(हि.स.)

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