Saint Francis : मसीहियों ने संत फ्रांसिस का पर्व मनाया

  • आर्च बिशप ने कहा कि ईश्वर के बताये मार्ग पर चलें, नहीं तो दंड के भागी होंगे

Insight Online News Team

रांची। कैथोलिक मसीहियों ने असीसी के संत फ्रांसिस का पर्व मनाया। इस अवसर पर संत फ्रांसिस चर्च हरमू में टेलीकास्ट मिस्सा का आयोजन किया गया। इसमें आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो बतौर मुख्य अनुष्ठक भाग लिया। उन्होंने कहा कि पवित्र बाइबल सृष्टिकर्ता ईश्वर और उसी सृष्टि मनुष्य के बीच के संवाद की दस्तावेज है।

इसमें वर्णित घटनाएं और वचन शाश्वत ईश्वर की दिव्य गुणों को हमारे लिए प्रकट करते हैं। आर्च बिशप फेलिक्स टोप्पो ने कहा कि ईश्वर मनुष्य को असंख्य लौकिक और अलौकिक वरदान देता हैं। ईश्वर चाहता है कि हम उनके वरदानों को स्वीकार करके कृतज्ञतापूर्वक ईश्वर की इच्छा पूरा करें। जब मनुष्य ईश्वर की इच्छा पूरी नहीं करता है तो ईश्वर दुखी होता है। ईश्वर न्यायी है, उनकी इच्छा पूरी नहीं करने वालों को दंड देता है।

साधारणत:लोग प्रेमी पिता, उद्धारकर्ता, उपकारक और संरक्षक के प्रति कृतज्ञता की भावना से भर जाते हैं और यथोचित प्रतिकार करते हैं। ईश्वर दया और करुणा से परिपूर्ण हैं और क्षमा मांगने वालों को श्रमा प्रदान करते हैं लेकिन हठधर्मियों को दंड देता है। आर्चबिशप ने अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए संत फ्रांसिस असीसी को आदर्श बताया। उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर प्रकृति संरक्षण में योगदान देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम ईश्वर के वरदानों के प्रति कृत्तज्ञ नहीं हैं। अगर हम उनके बताए हुए मार्ग पर नहीं चलते हैं। हम अधर्म, कुकर्म और भ्रष्टाचार का जीवन जीते हैं तो दंड के भागी होंगे। स्वर्ग का राज्य हमसे छीना जायेगा।

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