देश में मानव सेवा की मिसाल बना संत निरंकारी मिशन

  • कोरोना के कारण लाॅकडाउन के चलते देश भर में प्रभावित हजारों परिवारों को लंगर एवं राशन बांटने में संत निरंकारी मिशन अग्रसर
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की निरंकारी मिशन की तारीफ
  • दिल्ली में रोजाना 10 हजार लोगेां का खाना बना रहे हैं निरंकारी
  • हरियाणा एवं उत्तराखंड सरकार को दिए 50-50 लाख रुपये
  • प्रधानमंत्री राहत कोष समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री राहत कोषों में आर्थिक सहायता का योगदान

निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आर्शीवाद से संत निरंकारी मिशन के प्रबंधक एवं सेवादार संत देश भर के लाखों लाखों भाइयों और बहनों तक पहुचे जो कोरोना वायरस के वैश्विक प्रसार के कारण एवम देश में पूर्ण लाॅकडाउन से प्रभावित हुए है।

24 मार्च 2020 को जैसे ही भारत के प्रधानमंत्री ने देश भर में तालाबंदी की घोषणा की, संत निरंकारी मंडल को एहसास हुआ कि जरूरतमन्दों एवं उनके परिवारों के लिए जीवनावश्यक खाद्य पदार्थों की जरूरत होगी। अतः संत निरंकारी मंडल ने जरूरतमंद परिवारों को भोजन एवं राशन प्रदान करने के लिए पूरे भारतवर्ष में स्थापित मिशन के सभी 95 जोनों पर और 3000 से अधिक शाखाओं को खाद्य सामग्री एवम भोजन वितरण की सेवा का संदेश भेजा।

उस दिन से, निरंकारी मिशन के भक्त और संत निरंकारी सेवादल के स्वयंसेवक रोजाना लाखों लोगों को सूखा राशन और लंगर प्रदान कर रहे हैं। एक संगठन के रूप में, हर दिन लगभग 100000 लोगों को ताजा तैयार किया हुआ लंगर बाॅंटा जा रहा है। भारत के प्रमुख और यहां तक कि छोटे शहरों में भी निरंकारी मिशन की शाखाएं किसी न किसी तरह से योगदान दे रही है। कुछ चाय और बिस्किट वितरित कर रही है तो कुछ लंगर तैयार कर रही है। कुछ सूखे राशन की पेशकश कर रही है।

कई शाखाएॅं अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं प्रशासनिक सेवाओं में लगे कर्मचारियों सहित जरूरतमन्दों के लिए भोजन, जलपान और चाय की सेवा कर रही है। मिशन की देश भर में फैली शाखाओं ने जरूरतमंद परिवारों को लगभग 100000 पैकेट सूखा राशन वितरित किया है। जबलपुर शाखा ने शहर के कलेक्टर को 4200 मास्क तैयार किए और सौंपे।

संत निरंकारी मिशन ने हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहतकोष में प्रत्येक को 50 लाख के साथ-साथ प्रधानमंत्री राहत कोष में पांच करोड़ रूपये का योगदान दिया है।

सभी संबंधित मुख्यमंत्रियों और माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने ट्वीट के माध्यम से मिशन के इन योगदानों की सराहना और प्रशंसा की है।

दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय रूप से भाग लेने वाली कुछ शाखाओं में निरंकारी काॅलोनी, रोहिणी, रोहतास नगर, मंगोल पुरी, मदनगीर, पीरा गढ़ी, महरौली, गीता काॅलोनी, माॅडल टाउन, सुल्तान पुरी, रानी बाग, प्रेम नगर, मुबारकपुर, मुखर्जी शामिल हैं। दिल्ली में नगर, हर्ष विहार, नंद नगरी, गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा आदि। देशभर की शाखाओं में लुधियाना, अमृतसर, बरनाला, चंडीगढ़, कोटकापुरा, गुरदासपुर, पोटा साहिब, होशियारपुर, शिमला, राजपुरा, जम्मू, उधमपुर, जुलंधपुर, लोंगोवाल, पानीपत, करनाल, सोनीपत, हिसार, यमुनानगर, फतेहाबाद, बूंदी, जयपुर शामिल हैं। बाड़मेर, बीकानेर, अलवर, भीलवाड़ा, लक्ष्मणगढ़, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, सिरोही, उदयपुर, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, मुरैना, रीवा, सतना, मुंबई, पुणे, नागपुर, औरंगाबाद, नासिक, कोल्हापुर, सोलापुर, कोलकाता, बर्धमान, हावड़ा, कानपुर, लखनउ, आगरा, वाराणसी, झांसी, सहारनपुर, मसूरी, चंबा, देहरादून, राजगढ़, सिरमौर, कटनी, सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा, बैंगलोर, हैदराबाद, पटना, नालंदा, गया, रांची, गोवा, रायपुर आदि सभी शाखाओं द्वारा जरूरतमंदों तक भोजन राशन राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

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