Self dependent Women in Jharkhand : ऑर्गेनिक गुलाल बनाकर जीवन में रंग भर रही महिलाएं

हजारीबाग, 27 मार्च । रंगों का पर्व होली नजदीक होने के कारण कई लोग अपने जीवन में भी रंग भरने के प्रयास में लगे हैं। हजारीबाग जिला के दारू में कार्यरत ग्रामीण सेवा केंद्र की महिलाएं इन दिनों रंगो के पर्व होली को देखते हुए ऑर्गेनिक गुलाल बना रही हैं।

अरारोट, खाने वाले रंग, एसेंस और गुलाब जल का उपयोग कर ऑर्गेनिक गुलाल बनाया जा रहा है, ताकि न केवल अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा हो सके बल्कि उन लोगों के भी जीवन में आर्थिक उपार्जन के माध्यम से रंग भरने का काम हो सके।

संस्था की अध्यक्ष राखी कुमारी का कहना है कि इस ऑर्गेनिक गुलाल से लोगों को कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि इसमें कोई रासायनिक पदार्थ नहीं मिलाए गए हैं। ऐसे में अगर यह गुलाल आंखों में भी चला जाता है तो भी कोई हानि नहीं होती है। उन्होंने कहा कि फूड कलर, अरारोट और एसेंस आयल मिलाकर यह बनाया जा रहा है, इससे लोगों को गुलाल खेलने में भी कोई परेशानी नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस गुलाल की बाजार में मांग भी अच्छी है। अब तक दो लॉट बनाकर बेच चुकीं हैं और एक बड़ा लॉट बना रही हैं। वहीं संस्था की आशा देवी कहती हैं कि इसके माध्यम से वे धन भी कमा रही हैं।

बाजार भी में भी इसकी डिमांड अच्छी है। ऐसे में उन्हें बेचने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। स्वाभाविक है कि ऑर्गेनिक गुलाल सेहत के साथ-साथ ग्रामीण सेवा केंद्र से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सेहत को भी बढ़ाने में लगा है। यह प्रयास अन्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।

(हि.स.)

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