Sensational Deeds of Santhal Liberation Army : नेशनल संथाल लिबरेशन आर्मी के डिप्टी कमांडर इन चीफ लखीराम के एक बयान ने चैंकाया, सच्चाई जानने में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

साहिबगंज। संताल लिबरेशन आर्मी के डिप्टी कमांडर इन चीफ लखीराम समेत कई लोगों ने म्यांमार में हथियार चलाने का प्रशिक्षण हासिल किया था। बोरियो के कारोबारी अरुण साह की हत्या के मुकदमे के अनुसंधान के दौरान साहिबगंज पुलिस को संताल लिबरेशन आर्मी का काला इतिहास भी पता चला है। अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि असम में बोडो उग्रवादियों से संघर्ष के दौरान संताल लिबरेशन आर्मी का गठन हुआ था। उस वक्त उल्फा के सहयोग से संताल लिबरेशन आर्मी के कई लोग हथियार खरीदने और उसे चलाने की सीख लेने के लिए म्यांमार गए थे। कालांतर में असम में शांति कायम हो गई तो संताल लिबरेशन आर्मी के कई लोग झारखंड के संताल परगना में आकर फैल गए। यहां संगठन को खड़ा करने की कोशिश शुरू की गई। इसी बीच संताल लिबरेशन आर्मी के सदस्यों ने संताल परगना के लोगों का खून बहाना शुरू कर दिया। इससे पहले कि संताल लिबरेशन आर्मी और मजबूत होती, झारखंड सरकार ने सख्ती दिखायी। नतीजतन, आज संताल परगना में इस संगठन के पांव उखड़ चुके हैैं।

संताल लिबरेशन आर्मी के बारे में साहिबगंज पुलिस को जानकारी मिली है कि इसके डिप्टी कमांडर लखीराम उर्फ एडमिन सिंह सोरेन समेत कई लोग म्यांमार में जाकर एके 47 और एके 56 तक चलाना सीखे हैैं। खुद लखीराम ने खुद साहिबगंज पुलिस को कई चैंकाने वाली बातें बतायी हैैं। उसने पुलिस को बताया कि साहिबगंज और गोड्डा के कई लोगों से संताल लिबरेशन आर्मी के लोगों के बेहतर ताल्लुकात बन गए थे। यद्यपि, अभी पुलिस को लगातार कार्रवाई के बाद वैसे लोग संगठन से अब दूरी बना चुके हैैं। लखीराम के मुताबिक सालों पहले चाय बगान में काम कराने के लिए संताल परगना के हजारों संतालों को अंग्रेज असम ले गए थे। धीरे-धीरे यहां से गए लोग असम में बसते चले गए। आबादी बढ़ गई। इसके बाद संताल परगना से गए लोग स्थानीय शासन व्यवस्था में हिस्सेदारी की मांग शुरू की। बोडो समुदाय ने इसका विरोध किया। इसके बाद असम में संताल और बोडो के बीच संघर्ष हुआ। इसमें हजारों संताल मारे गए थे। इसके बाद असम के संतालों ने एकजुट होकर यह संगठन बनाया था। लखीराम का दावा है कि असम के संताल बहुल इलाकों में संताल लिबरेशन आर्मी के सदस्यों को सम्मान दिया जाता है। संगठन के कमांडर राहुल को लोग असम में बहुत इज्जत देते हैैं।

संताल लिबरेशन आर्मी के डिप्टी कमांडर इन चीफ लखीराम हेम्ब्रम उर्फ एडमिन ङ्क्षसह सोरेन को असम से गिरफ्तार किया गया था। वो साहिबगंज के गंभीर कांड में वांछित था। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वो अपने साथियों के साथ म्यांमार गया था। वहां उन लोगों ने स्वचालित हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया था।

साभार : दैनिक जागरण

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