Sensational disclosre about Ransome in Rafale deal : राफेल डील में 2013 से पहले दी गई 65 करोड़ की घूस, फ्रेंच पोर्टल ने किया नया दावा

Insight Online News

नई दिल्ली। राफेल लड़ाकू विमानों की डील को लेकर फ्रांसीसी पोर्टल मीडियापार्ट ने दावा किया है इसे पूरा कराने के लिए घूस दी गई है। सोमवार अपनी एक रिपोर्ट में मीडियापार्ट ने दावा किया कि उसके पास भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों की बिक्री सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए फ्रांसीसी विमान निर्माता दसॉल्ट एविएशन की ओर से रिश्वत का भुगतान किए जाने के सबूत हैं।

मेडियापार्ट के संपादक एडवी प्लेनेल और रिपोर्टर एंटन रूगेट

फ्रेंच मैगजीन मीडियापार्ट की ओर से कहा गया है कि बिचैलिए सुशेन गुप्ता को 7.5 मिलियन यूरो (जो लगभग 65 करोड़ रुपये) की रिश्वत दी गई। इसका भुगतान करने के लिए झूठे चालान का सहारा लिया गया। सुशेन गुप्ता को पहले अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में कथित रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

मीडिया पोर्टल ने दावा किया है कि सीबीआई और ईडी के पास अक्टूबर 2018 से रिश्वत दिए जाने के सबूत थे लेकिन इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) और प्रवर्तन निदेशालय के पास अक्टूबर 2018 से सबूत हैं कि फ्रांसीसी विमानन फर्म दसॉल्ट ने बिचैलिए सुशेन गुप्ता को गुप्त कमीशन में कम से कम 7.5 मिलियन यूरो (सिर्फ 650 मिलियन रुपये के बराबर) का भुगतान किया।

मीडियापार्ट ने अप्रैल में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें खुलासा किया गया था कि कैसे एक प्रभावशाली भारतीय बिजनसमैन को राफेल निर्माता दसॉल्ट एविएशन और फ्रांसीसी रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स फर्म थेल्स की तरफ से गुप्त रूप से लाखों यूरो का भुगतान किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वे लड़ाकू विमान के डील से भ्रष्टाचार विरोधी धाराओं को हटाने में सफल रहे, जिस पर बाद में तत्कालीन फ्रांसीसी रक्षा मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने हस्ताक्षर किए थे।

मीडियापार्ट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि यूपीए रिश्वत ले रहा था, लेकिन सौदा बंद नहीं कर सका। एनडीए ने बाद में इसे रद्द कर दिया और फ्रांसीसी सरकार के साथ अनुबंध किया। मीडियापार्ट की ताजा रिपोर्ट पर कांग्रेस की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

-एजेंसी

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