Shubh marriage Muhurat November 2021 : शादी लग्न के मुहूर्त प्रारंभ हो जायेंगे 19 नवंबर से, तैयारियां जोरो पर

Insight Online News

शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का होना बड़ा महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, विवाह के शुभ योग के लिए बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी है। रवि गुरु का संयोग सिद्धिदायक और शुभफलदायी होते हैं।

इन तिथियों पर मंगल योग होता है और शादी-विवाह को बेहद शुभ माना गया है। इस वर्ष जनवरी तथा फरवरी में लग्न नहीं होने से बाजार में मंदी का असर बना रहा। मार्च के अंत तक और अप्रैल मध्य तक स्थिति ऐसी ही रहने वाली है। पांच महीने के बड़े ब्रेक के बाद अब फिर से विवाह स्थलों, वाहनों और पंडितों की बुकिंग शुरू हो गई है।

15 नवंबर को कार्तिक शुक्ल देवोत्थान एकादशी को भगवान नारायण निंद्रा से जागृत होंगे, तब सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएगा। इस चार मास के समय अंतराल को चातुर्मास कहा जाता है। इसके उपरांत मार्गशीर्ष कृष्णपक्षी प्रतिपदा पर 20 नवंबर से फिर से शहनाइयां बज उठेंगी। 123 दिनों के अंतराल के बाद शुक्र एवं गुरु उयद होंगे।

  • ऐसे तय होते हैं शुभ लग्न-मुहूर्त

ज्योतिषविद बताते हैं कि शादी के शुभ लग्न व मुहूर्त निर्णय के लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु एवं मीन लग्न में से किन्ही एक का होना जरूरी है। वहीं नक्षत्रों में से अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति, श्रवणा, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भद्र व उत्तरा आषाढ़ में किन्ही एक का रहना जरूरी है। अति उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में से किन्ही एक की उपस्थिति रहने पर शुभ मुहूर्त बनता है। उन्होंने ने बताया कि यदि वर और कन्या दोनों का जन्म ज्येष्ठ मास में हुआ हो तो उनका विवाह ज्येष्ठ में नहीं होगा। तीन ज्येष्ठ होने पर विषम योग बनता है और ये वैवाहिक लग्न में निषेद्ध है। विवाह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ एवं अगहन मास में हो तो अत्यंत शुभ होता है।

  • नवंबर और दिसंबर माह के शादी-विवाह के शुभ लग्न मुहूर्त

बनारसी पंचाग के अनुसार
नवंबरः 19, 20, 21, 26, 28, 29
दिसंबरः 1, 2, 5, 7, 12, 13

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *