Stalemate in congress : पहले असम, फिर पंजाब, अब उत्तराखंड… कहीं कसर न रह जाए : मनीष तिवारी

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंतरकलह की आग की तपिश अब उत्तराखंड में भी दिखाई दे रही है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा विद्रोही रुख अपनाने पर कांग्रेस के सांसद व वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने चुटकी ली है। मनीष तिवारी ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा ‘पहले असम, फिर पंजाब, अब उत्तराखंड… भोग पूरा ही पाउण गे, कसर न रह जावे कोई।’

अहम बात यह है कि तिवारी ने एक तीर से ही कई निशाने साधने की कोशिश की है। वहीं, रावत के विद्रोही तेवर पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कह चुके हैं कि ‘आप जैसा बोएंगे, वैसा ही काटेंगे।’ बता दें कि हरीश रावत ने कल इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी। इसमें उन्होंने उत्तराखंड में संगठन का सहयोग न मिलने पर नाराजगी जाहिर की थी। रावत की यह पोस्ट पंजाब में खासी चर्चित हुई है, क्योंकि पंजाब कांग्रेस के अंतरकलह का ‘जनक’ हरीश रावत को ही माना जा रहा है।

दरअसल, हरीश रावत के पंजाब में प्रदेश प्रभारी बनकर आने के बाद से ही कांग्रेस का अंतरकलह शुरू हो गया। रावत ने सबसे पहले कैप्टन के धुर विरोधी नवजोत सिंह सिद्धू को तवज्जो दी। सिद्धू के एक्टिव होने के बाद कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों का एक दल कैप्टन के खिलाफ खड़ा हो गया। कांग्रेस के मंत्रियों व विधायकों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रकट कर दिया।

माना जाता रहा है कि कैप्टन के तख्तापलट के पीछे हरीश रावत की बहुत बड़ी भूमिका था। वहीं, कैप्टन के तख्तापलट के बाद रावत ने कांग्रेस प्रभारी पद भी छोड़ दिया, इसलिए भी यह चर्चा का केंद्र रहा है कि रावत ने केवल कैप्टन का तख्तापलट के लिए ही पंजाब के प्रभारी पद की भूमिका को स्वीकार किया था। यही कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ‘आप जैसा बोएंगे, वैसा ही काटेंगे।’ यही कारण है कि कैप्टन के करीबी रहे मनीष तिवारी ने भी पहले असम, फिर पंजाब, अब उत्तराखंड…। हालांकि तिवारी ने अपने ट्वीट में यह स्पष्ट नहीं किया कि वह कांग्रेस पार्टी को कटाक्ष कर रहे है या रावत को। क्योंकि मनीष तिवारी पिछले कई दिनों से कांग्रेस को लेकर खासे मुखर रहे हैं।

-एजेंसी

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