कोविड-19 आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने के लिए कोबास कंपनी की दो मशीनें खरीदेगी राज्य सरकार , मुख्यमंत्री

Insight Online News

  • हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई
    -राज्य में 6 नए आरटीपीसीआर लैबोरेट्री स्थापित होंगे
    -रिम्स में 110 नए आईसीयू सेटअप किया जाएगा

रांची, 15 अप्रैल : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में राज्य में कोरोना संक्रमण मामलों में हुई वृद्धि के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्यमंत्र हेमन्त सोरेन ने कोविड-19 (आरटीपीसीआर) जांच में तेजी लाने के लिए कोबास कंपनी की दो मशीनें खरीदने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया। कोबास मशीन की एक यूनिट से प्रत्येक दिन 1400 आरटीपीसीआर सैंपल जांच की जा सकेगी। कोबास कंपनी की 2 मशीनें खरीदने का निर्णय बैठक में लिया गया। एक मशीन रांची तथा एक मशीन दुमका में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में 6 नए आरटीपीसीआर लैबोरेट्री स्थापित करने का निर्देश विभागीय पदाधिकारियों को दिया। ये लैबोरेट्री रांची, जमशेदपुर, बोकारो, चाईबासा, गुमला तथा साहेबगंज में स्थापित होंगे।
बैठक में रिम्स रांची में 110 नए आईसीयू सेटअप करने का निर्णय लिया गया साथ ही रिम्स में 750 कोविड-19 डेडीकेटेड एयर मार्क बेड आरक्षित करने का भी निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने रांची में कोरोना संक्रमण के बढ़ते दबाव को देखते हुए रामगढ़ जिले में स्थापित सीसीएल के 150 बेड अस्पताल को डेडीकेटेड कोविड-19 पेशेंट के लिए रिजर्व करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता जाएगा सरकार कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए निर्णय लेती रहेगी।
सरकारी तथा निजी अस्पतालों के कम से कम 50 प्रतिशत बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित करने का निर्देश
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी जिलों के उपयुक्तों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कम से कम 50 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखें। सभी उपायुक्तों को जिलों के सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द कार्य योजना बनाकर कोरोना संक्रमित मरीजों का ईलाज सुनिश्चित करें। सभी अस्पतालों में अतिरिक्त बेड तथा ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था करने का भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में कोविड-19 के मामलों में हुई वृद्धि तथा आने वाले दिनों में होने वाली वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए जिला, प्रखंड तथा गांव स्तर पर इलाज के निमित्त व्यापक रणनीति बनाकर प्रभावी व्यवस्था करें। क्लीनिकल मैनेजमेंट के तहत स्थापित संसाधनों का पूरा उपयोग सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए राज्य सरकार गंभीर है।
रणनीति बनाकर कोविड-19 मरीजों का करें ईलाज
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण राज्य में तेजी से बढ़ रहा है। ध्यान रखें कि नए केस किन क्षेत्रों में अधिक बढ़ रहा है। वहां कौन लोग दूसरे राज्यों से आए हैं, इसकी पूरी जानकारी रखें। संक्रमण के कारणों का विश्लेषण करें तथा पहले के अनुभवों के आधार पर रणनीति बनाकर काम करें। सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में कोविड-19 की अधिक से अधिक टेस्टिंग कराने की व्यवस्था करें।
गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों तथा गतिविधियों में सरकार द्वारा जारी निर्देश का शत प्रतिशत पालन हो यह सुनिश्चित करें। भीड़भाड़ वाले जगहों पर लोग विशेष सतर्कता बरतें इस पर फोकस करें। मुख्यमंत्री ने सभी उपयुक्तों को आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
सभी उपायुक्तों से जिलों की अद्यतन जानकारी ली गई
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह ने सभी जिलों के उपायुक्तों से कोरोना संक्रमण को लेकर अद्यतन जानकारी तथा तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए 50% बेड आरक्षित करने के कार्य को जल्द से जल्द सुनिश्चित कर लिया जाए। अस्पतालों में अधिक से अधिक ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार किए जाएं। कोरोना संक्रमित मरीजों की इलाज में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए यह सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य सचिव केके सोन, आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल, नगर विकास सचिव श्री विनय चौबे सहित सभी जिलों के (देवघर जिला को छोड़कर) उपायुक्त एवं सिविल सर्जन उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *