Stock Market : तिमाही परिणाम और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव का शेयर बाजार पर रहेगा असर

मुंबई 23 जनवरी : अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों में तेज कटौती के संकेत से वैश्विक बाजार में जारी गिरावट से हताश निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई बिकवाली के दबाव में बीते सप्ताह साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक लुढ़के शेयर बाजार पर अगले सप्ताह कंपनियों के चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के परिणाम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव का असर रहेगा।

बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2185.85 अंक यानी 3.57 प्रतिशत लुढ़ककर 60 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे दो सप्ताह के निचले स्तर 59037.18 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 608.5 अंक अर्थात 3.33 प्रतिशत का गोता लगाकर 18 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे 17647.25 अंक पर रहा।

दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में भी बिकवाली हावी रही। बीएसई का मिडकैप 4.35 प्रतिशत गिरकर 24951.67 अंक और स्मॉलकैप 3.18 प्रतिशत टूटकर 29967.21 अंक पर रहा। आलोच्य सप्ताह सोमवार की मामूली बढ़त को छोड़कर शेष लगातार चार दिन शेयर बाजार में गिरावट रही।

विश्लेषकों के अनुसार, अगले सप्ताह मारुति, भेल, लार्सन एंड टु्ब्रो, पीएनबी, एक्सिस बैक, सिप्ला, फेडरल बैंक, इक्रा, कैनरा बैंक, आरबीएल बैंक, सेंट्रल बैंक, डॉ. रेड्डी और कोटक बैंक समेत कई कंपनियों के वित्त वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही के परिणाम जारी होने वाले हैं, जिसका असर बाजार पर देखा जा सकेगा।

साथ ही यमन के हाउती समूह के संयुक्त अरब अमीरात पर किए गए हमले के विरोध में सउदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की जवाबी कार्रवाई करने तथा रूस और यूक्रेन के बीच की तनातनी से वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका में कच्चे तेल में जारी उतार-चढ़ाव का भी बाजार पर प्रभाव रहेगा।

इनके अलावा 21 जनवरी को देर शाम पेट्रोलियम, दूरसंचार और रिटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली अरबपति मुकेश अंबानी की देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का तीसरी तिमाही का परिणाम जारी हुआ। इसका असर भी अगले सप्ताह बाजार में दिख सकता है।

आरआईएल ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 20539 करोड़ रुपये का सकल लाभ कमाया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में अर्जित 14894 करोड़ रुपये के लाभ की तुलना में 37.9 प्रतिशत अधिक है।

(वार्ता)

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