Supreme Court : त्रिपुरा के 12 भाजपा विधायकों की ‘अयोग्यता’ पर फैसला शीघ्र

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नयी दिल्ली, 11 नवंबर : उच्चतम न्यायालय को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को बताया कि मणिपुर के राज्यपाल एल.ए. गणेशन राज्य के 12 विधायकों के अयोग्य ठहराए जाने की लंबित मामले पर शीघ्र फैसला करेंगे।

न्यायमूर्ति नागेश्वर राव, बी आर गवई और बी वी नागरत्ना की खंडपीठ ने पिछली सुनवाई के दौरान मंगलवार को याचिकाकर्ता त्रिपुरा के एक कांग्रेसी विधायक डीडी कैथी के तर्क पर सहमति जताते हुए कहा था कि मणिपुर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 12 विधायकों को ‘लाभ के पद’ के मामले में अयोग्य ठहराए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग की सिफारिश के बाद राज्यपाल अपना फैसला देने से नहीं बच सकते।

शीर्ष अदालत ने श्री कैथी की रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान उनका पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की इस दलील पर सहमति जताई कि संवैधानिक प्राधिकरण फैसले को लंबित नहीं रख सकता। यह भी कहा था कि विधायकों के कार्यकाल समाप्त होने में मात्र एक माह का समय बचा है।

तीन सदस्यी खंडपीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति नागेश्वर राव ने दलीलें सुनने के बाद कहा था, “हम आपसे सहमत हैं कि वह (राज्यपाल) फैसला लेने से नहीं बच सकते।”

श्री कैथी ने भाजपा के 12 विधायकों को संसदीय सचिवों के पद पर रहने को ‘लाभ का पद’ बताते हुए इस आधार पर उन्हें अयोग्य घोषित करने करने की मांग की थी। उनका कहना था कि चुनाव आयोग ने 13 जनवरी 2021 को अपना सुझाव राज्यपाल को दिया था, लेकिन अब तक राज्यपाल ने अपना फैसला नहीं दिया है।

वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा था कि चुनाव आयोग की राय राज्यपाल के लिए बाध्यकारी है।

बीरेंद्र, उप्रेती, वार्ता

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