Supreme Court : नोटा को सबसे ज्यादा मत मिलने पर चुनाव रद्द करने के लिए उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर चुनाव आयोग को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि अगर किसी निर्वाचन क्षेत्र में ‘नोटा’ को सबसे अधिक मत मिलते हैं तो उस क्षेत्र के परिणाम रद्द कर दिए जाएं और नए सिरे से चुनाव कराए जाएं। यह याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर की गयी है।

याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि रद्द हुए चुनाव के उम्मीदवारों को नए चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाए। वकील अश्विनी कुमार दुबे के जरिए दायर याचिका में कहा गया है कि न्यायालय यह घोषणा कर सकता है कि यदि ‘इनमें से कोई नहीं’’ (नोटा) को सबसे ज्यादा मत मिलते हैं, तो उस निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को रद्द कर दिया जाएगा और छह महीने के भीतर नये सिरे से चुनाव कराए जाएं। इसके अलावा रद्द चुनाव के उम्मीदवारों को नए चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

याचिका में कहा गया है कि कई बार राजनीतिक दल मतदाताओं से मशविरा किए बिना ही अलोकतांत्रिक तरीके से उम्मीदवारों का चयन करते हैं। इसीलिए कई बार निर्वाचन क्षेत्र के लोग पेश किए गए उम्मीदवारों से पूरी तरह असंतुष्ट होते हैं। याचिका के अनुसार, अगर सबसे अधिक मत नोटा को मिलते हैं तो इस समस्या का हल नए चुनाव से हो सकता है।

याचिका में कहा गया है कि जिस उम्मीदवार पर पार्टियां करोड़ों रुपये खर्च करती हैं और अगर मतदाता उसे अस्वीकार कर देते हैं तो राजनीतिक दल ऐसा उम्मीदवार खड़ा करने से परहेज करेंगे। यह सही मायने में लोकतंत्र होगा क्योंकि इससे लोग वास्तविक रूप से अपना प्रतिनिधि चुन सकेंगे। साथ ही उम्मीदवार में कामकाज के प्रति जवाबदेही आएगी। याचिका में मांग है कि चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह अनुच्छेद 324 में मिली शक्तियों का इस्तेमाल कर उस निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव अमान्य घोषित करे जहां पर नोटा पर सबसे अधिक मत पड़े हों।

-Agency

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