Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने नवलखा को घर पर नजरबंद रखने का दिया आदेश

नई दिल्ली, 10 नवंबर : उच्चतम न्यायालय ने गुरूवार को मुम्बई की केन्द्रीय जेल में बंद 70 साल के मानवाधिकार कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार गौतम नवलखा को उनके घर पर नजरबंद रखने का आदेश दिया है।

की याचिका स्वीकार करते हुए गुरुवार को 48 घंटे में इस पर अमल करने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ और हृषिकेश रॉय की पीठ ने जेल में बंद नवलखा की याचिका स्वीकार करते हुए सुरक्षा खर्च के तौर पर 2.4 लाख रुपए जमा करने सहित कई शर्तों के साथ एक महीने के लिए उन्हें घर में नजरबंद रखने की अनुमति दी। उन्होंने इस आदेश पर 48 घंटे में अमल का आदेश दिया है।

शीर्ष अदालत इस मामले में अगली सुनवाई दिसंबर में करेगी।

बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार करते हुए पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनकी (नवलखा) की मेडिकल रिपोर्ट को अस्वीकार करने का कोई कारण नहीं है। अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि नवलखा की जांच करने वाले डॉक्टरों में से एक उनका रिश्तेदार था।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने नवलखा की मुंबई के तलोजा जेल से स्थानांतरित कर घर पर नजरबंद करने की याचिका खारिज कर दी थी।

सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में निर्देश दिया कि नवलखा को नजरबंदी की अवधि के दौरान इंटरनेट, कंप्यूटर या किसी अन्य संचार उपकरण का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, नजरबंदी स्थल के प्रवेश द्वार और आवास के कमरों के बाहर सीसीटीवी होना चाहिए।

हालांकि, अदालत ने उन्हें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा मुहैया कराए गए बगैर इंटरनेट कनेक्शन वाले मोबाइल फोन का इस्तेमाल 10 मिनट तक करने की अनुमति दी।

पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि नवलखा को मुंबई छोड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और वह अपनी नजरबंदी की अवधि के दौरान गवाहों को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं करेगा।

शीर्ष अदालत के समक्ष राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने नौ नवंबर को सुनवाई के दौरान अपील का विरोध करते हुए कहा था कि नवलखा जैसे लोग देश को नष्ट करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भीमा कोरेगांव कांड का यह आरोपी माओवादी समर्थक है।

शीर्ष अदालत ने 29 सितंबर को तलोजा जेल अधीक्षक को नवलखा को इलाज के लिए तत्काल मुंबई के जसलोक अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।

बीरेंद्र राम

वार्ता

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