Suspended police station in-charge commits suicide in Jharkhand : निलंबित थाना प्रभारी लालजी यादव ने की खुदकुशी

मेदिनीनगर, 10 जनवरी। नावा बाजार थाना के तीन दिन पूर्व नलंबित थाना प्रभारी लालजी यादव ने सोमवार की रात आत्महत्या कर ली है। थाना कैंपस में ही उन्होंने सुसाइड किया है। तीन दिन पहले लालजी यादव नावाबाजार थाना प्रभारी पद से हटाए गए थे और निलंबित किए गए थे। रांची के बुढ़मू थाने में मालखाना का प्रभार देने गए थे वहां से वापस लौटने के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।

एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने निलंबित थाना प्रभारी लालजी यादव को जिले के परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन से बहस के बाद निलंबित कर दिया था। निलंबन के तीन दिनों के बाद इस तरह की घटना सामने आने पर कई तरह की बातें की जा रही हैं। हालांकि आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलने पर पुलिस के कई वरीय अधिकारी नावा बाजार पहुंच गए हैं। मामले की छानबीन की जा रही है।

बताया जाता है कि हर दिन पुलिस अवर निरीक्षक लालजी यादव सुबह में उठ जाया करते थे, लेकिन मंगलवार की सुबह नहीं जगे। सुबह में उन्हें नहीं देख कर साथी पुलिसकर्मियों ने उनके क्वार्टर में जाकर देखा जो वे फंदे पर लटके हुए थे। इसकी सूचना मिलते ही पूरे थाना परिसर में अफरातफरी मच गई। थाना के सारे स्टाफ और जवान क्वार्टर के आसपास जमा हो गए। बाद में इसकी सूचना जिले के एसपी औऱ पलामू रेंज के डीआईजी राजकुमार लकड़ा सहित अन्य अधिकारियों को दी गई। फिलहाल अनुसंधान का हवाला देते हुए थाना के अंदर किसी को प्रवेश की इजाजत नहीं दी जा रही है।

2012 बैच के पुलिस अवर निरीक्षक थे लाल जी यादव

पुलिस अवर निरीक्षक लालजी यादव की आत्महत्या से उनके साथी पुलिसकर्मी हतप्रभ हैं। उनके साथ 2012 बैच में रहे पुलिस अवर निरीक्षक राणा जंग बहादुर सिंह ने बताया कि लालजी काफी मिलनसार और मृदुभाषी पुलिस अधिकारी थे। काम के प्रति हमेशा सचेत रहते थे। अचानक उसकी आत्महत्या की सूचना मिली, इससे वे सकते में पड़ गए। लाल जी ने ऐसा औऱ इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया, इसका उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है।

लालजी यादव द्वारा आत्महत्या कर लेने की सूचना पर इलाके के बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए हैं और एनएच 98 डालटनगंज- औरंगाबाद मुख्य पथ को थाना के समीप जाम कर दिया है। इस दौरान ग्रामीण पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जाम को हटाने के लिए पुलिस के कई जूनियर पदाधिकारी लोगों को समझाने में जुटे हुए हैं, लेकिन ग्रामीण उनसे बार-बार यह सवाल पूछ रहे हैं की आत्महत्या का कारण क्या है? हालांकि पुलिस अधिकारी यह हवाला दे रहे हैं कि जांच हो रही है। जांच सड़क पर नहीं संबंधित जगह पर और उचित प्लेटफार्म पर होगी, लालजी यादव की मौत का गम उन्हें भी है, लेकिन सड़क जाम करने से समस्या का समाधान तत्काल नहीं निकल पाएगा। इसके लिए पुलिस के अधिकारी जांच कर रहे है। जांच कर उचित जानकारी दी जाएगी। तत्काल कुछ भी बताने की स्थिति में पुलिस नहीं है। हालांकि, एक बार समझाने के बाद लोग जाम हटा दिए, लेकिन उन्होंने दोबारा सड़क जाम कर दिया है।

(हि.स.)

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