सीरिया: आपसी भरोसे का अभाव, राजनैतिक प्रगति में एक बड़ा अवरोध

सीरिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पैडरसन ने कहा है कि विभिन्न पक्षों के बीच भरोसे की कमी और ज़मीनी हालात की जटिलताओं के कारण, पिछले एक दशक से जारी हिंसा पर विराम लगा पाना मुश्किल है.

विशेष दूत ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए प्रतिनिधियों से प्रस्ताव 2254 पर एकजुटता दर्शाने का आग्रह किया है – इस प्रस्ताव में युद्धविराम और हिंसक संघर्ष के निपटाने की बात कही गई है.

.@GeirOPedersen I believe there are several areas where the initial steps might be found. These are areas of vital concern for average Syrians, where there is potential common ground among key players, & where progress would promote…stability & build trust & confidence.— UN Special Envoy for Syria (@UNEnvoySyria) June 25, 2021

साथ ही, उन्होंने शान्ति प्रयासों में प्रगति के लिये एक नए अन्तरराष्ट्रीय सम्वाद का आहवान किया है.
सीरिया के लिये विशेष दूत गेयर पैडरसन ने कहा, “मुझे लगता है कि हम सब निराश हैं कि राजनैतिक पथ पर हमने वास्तविक प्रगति हासिल नहीं की है.”
उनका मंतव्य संवैधानिक सुधारों और भविष्य में चुनावों से था, जिन्हें यूएन की देखरेख में सम्पन्न कराये जाने की योजना है.
इस पृष्ठभूमि में, उन्होंने सीरिया मुद्दे पर एक नए अन्तरराष्ट्रीय सम्वाद के प्रस्ताव को पेश किया है.
यूएन दूत ने कहा कि यह वास्तविक हालात और सटीकता से निर्धारित होगा, और एक समानान्तर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा. इसमें अहम पक्षकारों के सदसभावना के साथ शामिल होने को अहम बताया गया है.
उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य विचार-विमर्श के ज़रिये उन शुरुआती क़दमों की शिनाख़्त करना होगा, जिन्हें सीरियाई और अन्तरराष्ट्रीय पक्ष मूर्त रूप प्रदान कर सकें.
गेयर पैडरसन के मुताबिक वो, जिनीवा शिखर बैठक से पहले और उसके बाद, रूस और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित सम्पर्क में रहे हैं.
इसके साथ-साथ परिषद के अन्य सदस्यों व क्षेत्र में स्थित अन्य देशों के साथ भी सम्पर्क स्थापित किया गया है.
इसी सिलसिले में विशेष दूत जल्द ही रोम के लिये रवाना होंगे जहाँ सीरिया मुद्दे पर इटली व अमेरिका ने एक मंत्रिस्तरीय बैठक का आयोजन किया है.
उन्होंने बताया कि शुरुआती क़दमों के तहत, बन्दियों, अगवा किये गए लोगों और गुमशुदा लोगों के सम्बन्ध में कार्रवाई करनी होगी. , सीरिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पैडरसन ने कहा है कि विभिन्न पक्षों के बीच भरोसे की कमी और ज़मीनी हालात की जटिलताओं के कारण, पिछले एक दशक से जारी हिंसा पर विराम लगा पाना मुश्किल है.

विशेष दूत ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए प्रतिनिधियों से प्रस्ताव 2254 पर एकजुटता दर्शाने का आग्रह किया है – इस प्रस्ताव में युद्धविराम और हिंसक संघर्ष के निपटाने की बात कही गई है.

.@GeirOPedersen I believe there are several areas where the initial steps might be found. These are areas of vital concern for average Syrians, where there is potential common ground among key players, & where progress would promote…stability & build trust & confidence.

— UN Special Envoy for Syria (@UNEnvoySyria) June 25, 2021

साथ ही, उन्होंने शान्ति प्रयासों में प्रगति के लिये एक नए अन्तरराष्ट्रीय सम्वाद का आहवान किया है.

सीरिया के लिये विशेष दूत गेयर पैडरसन ने कहा, “मुझे लगता है कि हम सब निराश हैं कि राजनैतिक पथ पर हमने वास्तविक प्रगति हासिल नहीं की है.”

उनका मंतव्य संवैधानिक सुधारों और भविष्य में चुनावों से था, जिन्हें यूएन की देखरेख में सम्पन्न कराये जाने की योजना है.

इस पृष्ठभूमि में, उन्होंने सीरिया मुद्दे पर एक नए अन्तरराष्ट्रीय सम्वाद के प्रस्ताव को पेश किया है.

यूएन दूत ने कहा कि यह वास्तविक हालात और सटीकता से निर्धारित होगा, और एक समानान्तर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा. इसमें अहम पक्षकारों के सदसभावना के साथ शामिल होने को अहम बताया गया है.

उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य विचार-विमर्श के ज़रिये उन शुरुआती क़दमों की शिनाख़्त करना होगा, जिन्हें सीरियाई और अन्तरराष्ट्रीय पक्ष मूर्त रूप प्रदान कर सकें.

गेयर पैडरसन के मुताबिक वो, जिनीवा शिखर बैठक से पहले और उसके बाद, रूस और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित सम्पर्क में रहे हैं.

इसके साथ-साथ परिषद के अन्य सदस्यों व क्षेत्र में स्थित अन्य देशों के साथ भी सम्पर्क स्थापित किया गया है.

इसी सिलसिले में विशेष दूत जल्द ही रोम के लिये रवाना होंगे जहाँ सीरिया मुद्दे पर इटली व अमेरिका ने एक मंत्रिस्तरीय बैठक का आयोजन किया है.

उन्होंने बताया कि शुरुआती क़दमों के तहत, बन्दियों, अगवा किये गए लोगों और गुमशुदा लोगों के सम्बन्ध में कार्रवाई करनी होगी.

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