राज्यसभा में उठा ‘एल2: एम्पुरान’ फिल्म का मुद्दा, जॉर्ज कुरियन ने इस फिल्म को बताया सभी धर्म का विरोधी
नई दिल्ली, 2 अप्रैल । देश में इन दिनों मलयालम फिल्म ‘एल2: एम्पुरान’ को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसपर राजनीति तेज होती जा रही है। इस बीच बुधवार को एल2: एम्पुरान’ का मुद्दा राज्यसभा में भी उठा। माकपा सांसद ने राज्यसभा में इस फिल्म के मुद्दों को उठाते हुए अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी पर सवाल खड़े किए।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि एक फिल्म जिसे सेंसर किया गया था। थिएटर में रिलीज किया गया था। उसे फिर से सेंसर बोर्ड में वापस भेज दिया गया है और धमकियों की वजह से 24 कट लगाए गए।
‘देश तेजी से घायल लोगों का स्वर्ग बनता जा रहा’।
ब्रिटास ने कहा कि फिल्म के नायक को भी राष्ट्र-विरोधी बताया गया। अगर इस देश में ऐसी स्थिति है, तो लोगों को दी जाने वाली अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी। ब्रिटास ने इस बात पर जोर दिया कि अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता पवित्र है। इस बीच डीएमके के सांसद वायको ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। वायको ने फिल्म में दर्शाए गए कुछ विवादास्पद दृश्यों की ओर इशारा करते हुए, राज्यसभा सदस्य ने कहा कि फिल्म ने मुल्लापेरियार बाँध को असुरक्षित दिखाया है। एम्पुरान में मोहनलाल मुख्य भूमिका में हैं। इसका निर्देशन पृथ्वीराज सुकुमारन ने किया है।
फिल्म ईसाई धर्म के खिलाफ अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री
अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि यह फिल्म ईसाई धर्म के खिलाफ है और आरोप लगाया कि कम्युनिस्ट भारत में हर धर्म का अपमान करना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को भाजपा नेता वीवी विजेश केरल हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। वीवी विजेश का दावा है कि फिल्म में 2002 के गुजरात दंगों का जिक्र है, जो सांप्रदायिक तनाव भड़का सकता है।