अमेरिकी वायु सेना का महाशक्तिशाली बी-1बी बम वर्षक विमान गुआम पहुंचा, चीन और रूस को सीधा संदेश

वॉशिंगटन, 21 अक्टूबर । दुनिया के किसी भी कोने में परमाणु बत गिराने की क्षमता रखने वाले अमेरिकी वायु सेना का बी-1बी बॉम्बर गुआम फिर से पहुंच गया है। अमेरिकी विमान के गुआम के एंडरसन एयर फोर्स बेस पर तैनाती को चीन और रूस के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है। एक साल में यह दूसरा मौका है, जब इस बी-1बी लांसर का बेड़ा गुआम पहुंचा है। इस बॉम्बर विमान को तेजी से तैनात करने और घातक सटीक स्ट्राइक करने में माहिर माना जाता है। माना जा रहा है कि अमेरिका ने यह कदम अपने सहयोगियों की सुरक्षा के हित में उठाया है।

अमेरिकी बमवर्षक विमान इतना खतरनाक है कि अमेरिका ने अभी तक इस विमान को किसी भी देश को नहीं बेचा है। अमेरिका के पास 100 की संख्या में बी-1बी लांसर बॉम्बर मौजूद हैं। ये बॉम्बर मैक 1.25 की स्पीड से उड़ान भर सकते हैं। इनका रडार क्रास सिग्नेचर भी काफी कम है, जिस कारण दुश्मन की रडार के पकड़ में आने की संभावना भी बेहद कम होती है।

इस साल की शुरुआत में चार बी-1 बॉम्बर गुआम के एंडरसन एयर फोर्स बेस पहुंचे थे। यहां उन्होंने कई मिशन का संचालन किया। इन मिशनों में जापानी वायु सेना के साथ एरियल इंट्रीगेशन और रॉयल एयरफोर्स बेस डार्विन में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना के साथ एयर रिफ्यूलिंग ऑपरेशन का अभियान भी शामिल था। ये बॉम्बर इंडो-पैसिफिक में कई कॉम्बेट और ट्रेनिंग मिशन पर अपन सहयोगी देशों की वायु सेना के साथ साझेदारी भी की।

फरवरी 2021 में एशिया के सबसे बड़े एयर शो एरो इंडिया 2021 में अमेरिका के परमाणु बॉम्बर रॉकवेल बी-1 लांसर ने भी उड़ान भरी थी। इस दौरान भारत के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान ने अमेरिका के इस खतरनाक बॉम्बर को एयर सपोर्ट मुहैया कराया था।

अमेरिका के 37वें बम स्क्वॉड्रन के ऑपरेशन डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल डैनियल माउंट ने कहा कि बॉम्बर टास्क फोर्स की तैनाती और मिशन क्षेत्र में सहयोगी देशों को महत्वपूर्ण आश्वासन और सहयोग प्रदान करते हैं। बी-1 बॉम्बर इस क्षेत्र में मौजूद सबसे शक्तिशाली विमान हैं, जो बड़ी दूरी की यात्रा करने और सटीकता के साथ महत्वपूर्ण मारक क्षमता से लैस हैं। इस बॉम्बर के मिशन अमेरिका के नेशनल डिफेंस स्ट्रैटजी के उद्देश्यों का समर्थन करते हैं। ये मिशन हमारे बॉम्बर्स को विदेशों और दूसरे महाद्वीपों में अपने काम को अंजाम देने में सहायता कर सकते हैं।

28वें बम विंग कमांडर कर्नल जोसेफ शेफील्ड ने कहा कि यह बॉम्बर टास्क फोर्स प्रशांत क्षेत्र के लिए निरंतर अमेरिकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह न केवल हमारे सहयोगियों और भागीदारों के साथ हमारे बी-1 एयरक्रू को अमूल्य प्रशिक्षण अवसर प्रदान करता है। 146 फीट लंबे बी-1बी लांसर बॉम्बर की चौड़ाई 137 फीट की है। बी-1बी बॉम्बर 35,000 किलोग्राम तक के हथियार, गोला बारूद को लेकर उड़ान भर सकता है।

(हि.स.)

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