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टीएमसी 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों में 215 सीटें जीतेगी: ममता

कोलकाता, 27 फरवरी : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दावा किया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 2026 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करेगी।

यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में टीएमसी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी अगामी विधानसभा चुनावों में कुल 294 सीटों में से 215 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सभी मतभेदों को भुलाकर चुनाव से पहले घर-घर जाकर लोगों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि चुनाव में सभी सीटों पर भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चा के उम्मीदवारों की जमानत जब्त होनी चाहिए।

सुश्री बनर्जी ने कहा कि वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के इस बयान से सहमत हैं कि 2026 में टीएमसी को पिछले चुनावों की तुलना में अधिक सीटें जीतनी होंगी। पार्टी ने 2021 के चुनाव में 294 सदस्यीय सदन में 214 सीटें जीती थीं।

सुश्री बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव में एक जबरदस्त संघर्ष की कसम खाते हुए अपने ‘खेला होबे’ नारे को भी पुनर्जीवित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो टीएमसी चुनावी सूची में फर्जी मतदाताओं के पंजीकरण के खिलाफ चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने में संकोच नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग के आशीर्वाद से फर्जी मतदाताओं का उपयोग कर दिल्ली और महाराष्ट्र में हालिया चुनाव जीता। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पहले मतदाता सूची को साफ करना होगा और फिर चुनाव में जाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब चुनाव आता है तो सीबीआई, ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियां ​​सक्रिय हो जाती हैं। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों से पूछा कि क्या अब तक उनकी पार्टी से गिरफ्तार किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा “ हम जानते हैं कि चुनाव नजदीक आते ही सीबीआई और ईडी की सूची में कई और नाम जोड़े जाएंगे, लेकिन भाजपा कुछ नहीं कर सकती क्योंकि बंगाल के लोगों को अब तक गुमराह नहीं कर सकी है।”

इससे पहले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सीबीआई को उन्हें गतल साबित करने की चुनौती दी और कहा कि कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में एक अदालत में दायर अपने तीसरे आरोपपत्र में सीबीआई ने 27 पन्नों के दस्तावेज़ में उनका दो बार नाम लिया, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से कोई विवरण नहीं दिया।

सांसद ने कहा कि उन्हें कई बार बुलाया गया और उनसे 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई, लेकिन केंद्रीय एजेंसी अब तक कुछ भी साबित करने में विफल रही है।

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