पार्टी को डूबने से बचाने के लिए तृणमूल ने पार्थ चटर्जी को निकाला : दिलीप घोष

कोलकाता, 30 जुलाई । भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने शनिवार को एक बार फिर शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पार्थ चटर्जी को पार्टी से निकाले जाने को लेकर कहा है कि तृणमूल कांग्रेस को डूबने से बचाने के लिए ही पार्थ को बलि का बकरा बना कर पार्टी से निकाल दिया गया है।

शनिवार सुबह न्यू टाउन के इको पार्क में मॉर्निंग वॉक करने पहुंचे दिलीप ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि सच्चाई है कि तृणमूल सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्थ के बारे में कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहती थीं लेकिन पार्टी के अंदर ही विद्रोह शुरू हो गया था। उन पर दबाव बनने लगा था इसलिए फैसला लेने में सात दिनों का समय लग गया। इसी सात दिनों की देरी में असली रहस्य छिपा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्थ चटर्जी लगातार ईडी अधिकारियों को धमकी दे रहे थे लेकिन अब वह दिन गए। अब जो बोलना है ईडी बोलेगी, जनता बोलेगी और कोर्ट बोलेगा।

(हि.स.)

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