Tulsidas Ramayana mentioned Johar Word : तुलसीदास रचित रामायण में चार बार जोहार शब्द का उल्लेख एक प्रशंसनीय उद्घोषणा: डॉ एचपी नारायण

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झारखंड/रांची। तुलसी दास द्वारा रचित रामायण के अयोध्या कांड में चार बार जोहार शब्द का प्रयोग हुआ है। यह बातें वनवासी कल्याण केंद्र के अध्यक्ष डॉ एचपी नारायण ने कहीं। वे रविवार को आरोग्य भवन वनवासी कल्याण केंद्र बरियातू में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज शुरू से ही जंगल में रहने के कारण इनका प्रकृति से काफी लगाव रहा है। वे प्रकृति पूजक हैं। वनवासी कल्याण केंद्र वर्षो से बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मना रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। मुख्य अतिथि सांसद सुदर्शन भगत ने बिरसा मुंडा के जीवन के बारे में विस्तार से बताया। सांसद संजय सेठ ने कहा कि जनजाति गौरव दिवस के रूप में जनजाति समाज ही नही बल्कि पूरे देश के 135 करोड़ देशवासियों के लिए गौरव की बात है। जनजाति समाज के बिना हम जल, जंगल-जमीन की कल्पना भी नही कर सकते है। प्रधानमंत्री के सोच के कारण 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना गौरव की बात हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय झारखंड अलग राज्य बना। इसी समय जनजाति मंत्रालय भी बना ताकि जनजाति समाज का समुचित विकास हो। इसी क्रम में डॉ दिवाकर मिंज व रमेश बाबू ने भी संबोधित किया। मौके पर अशोक कुमार महतो, पृथ्वीराज मुखर्जी, अर्जुन राम गुरु, चरण मुंडा, बिंदेश्वर साहू, जितेश वर मुंडा, तुलसी प्रसाद गुप्ता, थानो मुंडा, प्रदीप लकड़ा, कैलाश मुंडा, दुर्गा उांव, संदीप उरांव, अंजली लकड़ा सहित अन्य मौजूद थे।

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