UP News Update : 55 साल में देश को मिला एक एम्स, मोदी ने दिए 22 एम्स : योगी

सीतापुर । केंद्र की एनडीए सरकार के सात वर्ष पूरे होने पर ‘सेवा ही संगठन’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सीतापुर के ग्राम घूरेपारा व महोबा के ग्राम सिझारी की जनता से संवाद किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कहा, उसे पूरा किया। उन्हें आतंकवाद विरासत में मिला था। लेकिन 2014 में भारत का बागडोर संभालने के बाद बाद देश की तस्वीर भी बदली और तकदीर भी। वहीं, देश में 55 साल शासन करने वालों ने मात्र एक एम्स दिया, लेकिन सात सालों में मोदी ने 22 एम्स दिए हैं।

जो कहा उसे किया पूरा

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने जो भी बातें कहीं थीं उसे अक्षरशः लागू किया। उनकी लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति को बगैर भेदभाव के मिल रहा है। जब प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की बागडोर संभाली थी तो उन्हें विरासत में ऐसा भारत मिला था, जहां आतंकवाद चरम पर था। भ्रष्टाचार था। जातीय हिंसा आम बात थी। विकास, चंद लोगों तक सीमित होकर रह गया था। मोदी के नेतृत्व संभालने के बाद देश की तस्वीर भी बदली और तकदीर भी।

स्वास्थ्य सुविधाओं में हुई अभूतपूर्व वृद्धि

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के इन सात वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। देश में 300 मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 2014 तक एम्स नहीं था। आज दो-दो हैं। काशी में एम्स की तरह एक सर्वसुविधायुक्त संस्थान बन रहा है। प्रदेश में 2016 तक केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे, यह प्रधानमंत्री जी का ही मार्गदर्शन है कि आज यहां 30 मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने देश को एक नई दिशा दी है, एक नया विजन दिया है।

बिचौलिये खत्म, सीधे अकाउंट में आता है पूरा पैसा

योगी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने जनधन खाते खोलने का अभियान शुरू किया था, तब लोग कैसी-कैसी प्रतिक्रिया देते थे, पर उन्होंने तकनीक का सही इस्तेमाल किया। डीबीटी सिस्टम को प्रोत्साहित किया। कोरोना काल खंड में जब गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा हुई तो यही जनधन खाते और डीबीटी प्रणाली काम आई। कोई बिचौलिया नहीं। कोई भ्रष्टाचार नहीं। दिल्ली से जितना पैसा आया वह पूरा आपके बैंक खाते में चला गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली लहर और दूसरी लहर में प्रधानमंत्री ने बार-बार अपील की है कि बीमारी को हल्के में न लें और हमको भी संकल्प लेना होगा कि इस महामारी को हम हल्के में न लें। हम इसके बचाव के नियमों का पालन करें, याद रखिये बीमारी में बचाव की सर्वोत्तम उपाय है।

(हि.स.)

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