पाकिस्तान को 6.65 करोड़ डॉलर की अमेरिकी सहायता, दोनों देशों को बताया ‘एक’

वाशिंगटन, 27 सितंबर। पाकिस्तान को अमेरिका से 6.65 करोड़ डॉलर की अमेरिकी सहायता का एलान हुआ है। अमेरिका व पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मुलाकात में इस घोषणा के साथ दोनों देशों को ‘एक’ बताया गया। ब्लिंकन ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई तबाही और जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के बीच अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में मुलाकात हुई। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को बाढ़ राहत के लिए घोषित 5.65 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता के अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा सहायता के मद में एक करोड़ डॉलर अतिरिक्त सहायता देने का ऐलान किया। ब्लिंकन ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई तबाही और जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया।

इस मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि अमेरिकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के लोगों के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने खाद्य सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि, क्षेत्रीय स्थिरता और अफगानिस्तान पर साझेदारी पर भी चर्चा की। ब्लिंकन व बिलावल ने अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर दोनों देशों के रिश्तों के विविध आयामों पर भी चर्चा की।

ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका अपने दोस्त पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने सहायता के लिए हर संभव प्रयास की बात भी कही। बिलावल ने जलवायु परिवर्तन के संकट पर जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान के इतिहास में सबसे विनाशकारी बाढ़ के पीछे जलवायु परिवर्तन बड़ा कारण है। उन्होंने इसे एक वैश्विक समस्या करार देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने जलवायु परिवर्तन के मोर्चे पर नेतृत्व किया है और पाकिस्तान इस एजेंडे में भागीदार बनने को तैयार है।

दोनों देशों के बीच 75 साल के राजनयिक संबंधों पर कहा गया कि पाकिस्तान और अमेरिका ने पिछले 75 वर्षों में जो कर दिखाया है, वह हमारे राजनयिक संबंधों के लिए वसीयतनामा है। दोनों देशों ने न केवल समय की परीक्षाओं का सामना किया है, बल्कि अब हम फिर से ‘एक’ हैं और एक व्यापक ढांचे को तैयार करने में लगे हैं।

(हि.स.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *