Violence in Jerusalem : इजरायल और फलस्‍तीनियों के बीच जंग का मैदान बना पूर्वी यरुशलम

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जानें क्‍यों चर्चा में शेख जर्राह

Sheikh Jarrah Evictions: इजरायली सुरक्षाबलों और फलस्‍तीनी प्रदर्शनकारियों के बीच पूर्व यरुशलम में जोरदार झड़प जारी है। रमजान के महीने में अल अक्‍सा मस्जिद में जमा फलस्‍तीनी लोगों पर इजरायली सुरक्षाकर्मियों ने स्‍टन ग्रेनेड दागे।

पूर्वी यरुशलम शहर में रविवार रात से ही इजरायली सुरक्षा बलों और फलस्‍तीनियों के बीच जमकर बवाल चल रहा है। इजरायली अधिकारियों ने इस दौरान आंसू गैस के गोले और ‘स्टन ग्रेनेड’ दागे हैं। उधर, फलस्‍तीनी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया है। इजरायली पुलिस ने बताया कि अल-अक्सा मस्जिद परिसर से पास ही सड़क पर पथराव किया गया। वहीं, फलस्तीनियों का कहना है कि रमजान के इस पवित्र महीने में मस्जिद परिसर पर ‘स्टन ग्रेनेड’ दागे गए हैं जिससे 70 से ज्‍यादा लोग घायल हो गए हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को अल अक्‍सा मस्जिद के अंदर इजरायली सुरक्षाकर्मी घुस गए और उन्‍होंने रमजान के 28वें दिन फलस्‍तीनी लोगों पर रबर की गोली, आंसू गैस के गोले और साउंड बम दागे। यही नहीं इजरायली हेलिकॉप्‍टर भी अल अक्‍सा मस्जिद परिसर के ऊपर मंडराते देखे गए। आइए जानते हैं पूरा मामला….

​यरुशलम में शांति को प्रभावित नहीं करने देंगे: नेतन्‍याहू

खबरों के मुताबिक इजरायली राष्ट्रवादियों के विवादित इलाके में इजरायल का दावा पेश करने के लिए ओल्ड सिटी से परेड निकालने से एक दिन पहले यह झड़प हुई है। देर रात शुरू हुई इस झड़प के बाद सोमवार को वार्षिक ‘यरुशलम दिवस’ समारोह में और हिंसा होने की आशंका बढ़ गई है। इज़राइल की पुलिस ने कई दिनों से इज़राइल और फलस्तीन के बीच जारी तनाव के बावजूद रविवार को परेड निकालने की अनुमति दे दी थी। ‘यरुशलम दिवस’ से पहले मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक को संबोधित करते हुए रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘किसी भी चरमपंथी ताकत को यरुशलम में शांति को प्रभावित नहीं करने देंगे। हम निर्णायक रूप से तथा जिम्मेदारी से कानून एवं व्यवस्था लागू करेंगे।’ इजरायली पीएम ने कहा, ‘हम सभी धर्मों के लोगों की पूजा-अर्चना करने की स्वतंत्रता जारी रखेंगे, लेकिन हिंसक गतिविधियों को अंजाम नहीं देने देंगे।’

​‘यरुशलम दिवस’ को लेकर भड़का है तनाव

अमेरिका ने यरुशलम में मौजूदा परिस्थितियों को लेकर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने इज़राइल के अपने समकक्ष से फोन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता इमली हॉर्न की ओर से जारी बयान के अनुसार, सुलिवन ने इज़राइल से ‘यरुशलम दिवस के स्मरणोत्सव के दौरान शांति बनाकर रखने की अपील की है।’ ‘यरुशलम दिवस’ इजरायल के वर्ष 1967 में पूर्वी यरुशलम पर कब्जा करने का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। पूर्वी यरुशलम में हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ गया है। इज़राइल और फलस्तीन दोनों पूर्वी यरुशलम पर अपना दावा पेश करते हैं। फलस्तीन श्रद्धालुओं की शुक्रवार देर रात भी अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इज़राइली पुलिस के साथ झड़प हो गई थी। बताया जा रहा है कि फलस्‍तीनियों के उग्र होने के पीछे इजरायली कोर्ट का फैसला जिम्‍मेदार है।

​शेख जर्राह से फलस्‍तीनियों को निकाल रहा इजरायल

इजरायल की सेंट्रल कोर्ट ने पूर्वी यरूशलम में रह रहे 4 फलस्‍तीनी परिवारों को शेख जर्राह इलाके से निकालने का आदेश दिया। कोर्ट ने इन सभी जगहों पर दक्षिणपंथी इजरायली लोगों को बसाने का आदेश दिया। इजरायल के सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर गुरुवार को फैसला देना था लेकिन अब जोरदार झड़प के बाद इस फैसले को 10 मई तक के लिए टाल दिया गया है। अगर सुप्रीम कोर्ट ने इजरायली लोगों के पक्ष में फैसला दिया तो फलस्‍तीनी लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ेगा। इस तनाव के बीच पुराने शहर इजरायली पुलिस ने बैरियर लगा दिया ताकि रोजा तोड़ने के लिए फलस्‍तीनी वहां पर जमा न हों। फलस्‍तीनी लोगों ने इसे अपने जमा होने के अधिकार का उल्‍लंघन माना। वहीं पुलिस ने कहा कि वे कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए इकट्ठा हुए हैं।

​मुसलमानों और यहूदियों के अहम है शेख जर्राह

यहूदियों और मुसलमानों दोनों के लिए शेख जर्राह इलाका धार्मिक लिहाज से काफी महत्‍वपूर्ण है। इसी वजह से जब यहूदी इस इलाके में जाते हैं तो उनका वहां पर रह रहे मुसलमानों के साथ तनाव बढ़ जाता है। बताया जाता है कि शेख जर्राह का इतिहास 12वीं सदी में हुसाम अल दिन अल जर्राही के साथ शुरू होता है। हुसाम उस समय के ता‍कतवर इस्‍लामिक जनरल सलादिन का निजी चिकित्‍सक था। सलादिन की सेना ने यरुशलम को छीन लिया था। अरबी में जर्राह का मतलब सर्जन होता है और शेख एक टाइटल है जो धार्मिक और सामुदायिक नेताओं को दिया जाता है। बाद में इसी इलाके में जर्राही का मकबरा बनाया गया। शेख जर्राह इलाका यरुशलम के उत्‍तरी इलाके में स्थित है जो ओल्‍ड सिटी की दीवार से बाहर है। इसी के पास में हिब्रू यूनिवर्सिटी स्थित है।

Courtesy : navbharattimes

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