राज्य में कहां-कहां नहीं है पर्याप्त लाइटिंग, जांचने के लिए हाईकोर्ट ने दिया समिति गठित करने का आदेश

कोलकाता, 05 दिसंबर। पश्चिम बंगाल के शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण अंचल तक कहां-कहां बिजली की कमी है अथवा पर्याप्त संख्या में लाइटिंग नहीं लगी है यह जांचने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने सोमवार को यह निर्देश दिया है। दरअसल अधिवक्ता सुष्मिता साहा दत्त ने एक जनहित याचिका लगाई थी जिसमें दावा किया था कि राज्य के कई हिस्सों में सड़कों पर चौराहों पर पर्याप्त लाइटिंग नहीं है जिसकी वजह से कई जगहों पर दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं। इस पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य विद्युत आपूर्ति और वितरण विभाग से रिपोर्ट मांगी थी और पूछा था कि राज्य में कहां-कहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है।

रिपोर्ट हाल ही में राज्य सरकार की ओर से पेश की गई थी जिसमें बताया गया था कि राज्य में अभी भी कई ऐसी सड़कें हैं जहां पर्याप्त मात्रा में लाइटिंग नहीं है। यह भी दावा किया गया है कि कई जगहों पर सड़कों पर लाइटिंग लगाए जा रहे हैं। इसी की जांच के लिए न्यायालय ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधि, जिला पुलिस अधीक्षक या उनके प्रतिनिधि, विद्युत वितरण विभाग के आंचलिक जनरल मैनेजर और अधिवक्ता नीलाद्री साहा को रखा गया है। दो महीने के भीतर इस समिति को अपनी रिपोर्ट देनी है। सबसे पहले पुरुलिया से समीक्षा शुरू होगी। उस रिपोर्ट को देखने के बाद बाकी जिले में काम शुरू होगा। आगामी 30 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई होनी है।

(हि.स.)

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