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भारत में थोक मुद्रास्फीति मई में 1.26% से बढ़कर 2.61% हुई,खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े

नई दिल्ली। मई 2024 में भारत की थोक मुद्रास्फीति दर में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में 1.26% रही थोक मुद्रास्फीति दर मई में बढ़कर 2.61% हो गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई है। मई में खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई, जिसमें सब्जियों, अनाज और दालों की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल शामिल है।फल और डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कुल मुद्रास्फीति दर पर असर पड़ा।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह वृद्धि चिंताजनक हो सकती है, लेकिन मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह असामान्य नहीं है। प्रमुख अर्थशास्त्री डॉ. आर. शर्मा का कहना है, “खाद्य और ईंधन की कीमतों में अस्थिरता थोक मुद्रास्फीति पर सीधे प्रभाव डालती है। यह वृद्धि अल्पकालिक हो सकती है यदि आपूर्ति श्रृंखलाएं सामान्य हो जाती हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं।”
सरकार के कदम

इस बढ़ती मुद्रास्फीति के मद्देनजर, सरकार ने विभिन्न उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार कर रही है।
उपभोक्ताओं पर प्रभाव

थोक मुद्रास्फीति में इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। बढ़ती खाद्य और ईंधन की कीमतों से उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर भार बढ़ सकता है। विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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