World Water Day : अमूल्य धरोहर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनया जाता है विश्व जल दिवस

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विश्व जल दिवस 22 मार्च को मनाया जाता है। जल ही जीवन है, ये तो आपने सुना ही होगा और यही सत्य भी है, क्योंकि सभी जीवों के जीवित रहने के लिए पानी अनिवार्य है। वैसे दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में पीने योग्य पानी तक लोगों की पहुंच अपर्याप्त होती है, जिससे कई बीमारियों का खतरा बना रहता है। पानी की कमी से कई बीमारियां जन्म लेती हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि अधिक मात्रा में पानी पीना भी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है? जी हां, शरीर में पानी की कमी और अधिकता दोनों ही सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। हालांकि इंसान को एक दिन में आखिर कितना पानी पीना चाहिए, इसका कोई तय पैमाना नहीं है, लेकिन कहा तो जाता ही है कि हर दिन कम से कम आठ गिलास पानी पीना चाहिए।

पानी के जरिए हमारे शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही पानी शरीर से खराब तत्वों को बाहर निकालने में भी अहम भूमिका निभाता है। दरअसल, हमारे शरीर का तापमान नियमित करने से लेकर त्वचा को मुलायम रखने तक, पानी बहुत सारे काम करता है। इसलिए यह जरूरी है कि शरीर में पानी की जरूरी मात्रा हमेशा बनी रहे, इसकी कमी न हो। 

यह निर्विवाद सत्य है कि सभी जीवित प्राणियों की उत्पत्ति जल में हुई है। वैज्ञानिक अब पृथ्वी के अलावा अन्य ग्रहों पर पहले पानी की खोज को प्राथमिकता देते हैं। पानी के बिना जीवन जीवित ही नहीं रहेगा। इसी कारणवश अधिकांश संस्कृतियां नदी के पानी के किनारे विकसित हुई हैं … इस प्रकार ‘जल ही जीवन है’ का अर्थ सार्थक है। दुनिया में, 99% पानी महासागरों, नदियों, झीलों, झरनों आदि के अनुरूप है। केवल 1% या इससे भी कम पानी पीने के लिए उपयुक्त है।

हालाँकि, पानी की बचत आज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। केवल पानी की कमी पानी के अनावश्यक उपयोग के कारण है। बढ़ती आबादी और इसके परिणामस्वरूप बढ़ते औद्योगिकीकरण के कारण, शहरी मांग में वृद्धि हुई है और पानी की खपत बढ़ रही है। आप सोच सकते हैं कि एक मनुष्य अपने जीवन काल में कितने पानी का उपयोग करता है, किंतु क्या वह इतने पानी को बचाने का प्रयास करता है? असाधारण आवश्यकता को पूरा करने के लिए, जलाशय गहरा गया है। इसके परिणामस्वरूप, पानी में लवण की मात्रा में वृद्धि हुई है।

वैश्विक जल संरक्षण के वास्तविक क्रियाकलापों को प्रोत्साहन देने के लिये विश्व जल दिवस को सदस्य राष्ट्र सहित संयुक्त राष्ट्र द्वारा मनाया जाता हैं। इस अभियान को प्रति वर्ष संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की एक इकाई के द्वारा विशेष तौर से बढ़ावा दिया जाता है जिसमें लोगों को जल से संबंधित मुद्दों के बारे में सुनने व समझाने के लिये प्रोत्साहित करने के साथ ही विश्व जल दिवस के लिये अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों का समायोजन भी शामिल है। इस कार्यक्रम की शुरूआत से ही विश्व जल दिवस पर वैश्विक संदेश फैलाने के लिये थीम (विषय) का चुनाव करने के साथ ही विश्व जल दिवस को मनाने की सारी जिम्मेवारी संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण तथा विकास एजेंसी की हैl

बहुत अधिक पानी पीने से शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है और बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञ कहते हैं कि सोडियम की कमी होने से दिमाग और फेफड़ों में सूजन आ जाती है, जो खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा अधिक पानी पीने से मांसपेशियों में ऐंठन भी आ जाती है। 

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