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पीयूष गोयल के बयान पर जेप्‍टो सीईओ की “तर्कहीन प्रतिक्रिया”: खंडेलवाल

नई दिल्ली, 05 अप्रैल । चांदनी चौक से सांसद और कॉन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने शनिवार को जेप्‍टो के मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदित पलीचा का केंद्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भारतीय स्‍टार्टअप को लेकर हाल ही में दिए गए बयान को गलत और अतार्किक बताते हुए कहा कि यह वाणिज्‍य मंत्री गोयल के संदेश के मूल सार से भटकाने वाला बयान है।

प्रवीण खंडेलवाल ने जेप्‍टो के सीईओ आदित पलीचा के बयान पर कहा कि स्टार्टअप महाकुंभ के दौरान वाणिज्‍य मंत्री मंत्री गोयल ने भारतीय स्टार्टअप्स से त्वरित वाणिज्य और सुविधा-आधारित अनुप्रयोगों से हटकर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को संबोधित करने वाले डीप-टेक नवाचारों की ओर बढ़ने का आग्रह किया।

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या भारत को उन स्टार्टअप्स से संतुष्ट होना चाहिए, जो केवल खाद्य वितरण सेवाओं पर केंद्रित हैं, जबकि अन्य देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में आगे बढ़ रहे हैं।

खंडेलवाल ने पीयूष गोयल की चिंता की वाजिब बताते हुए कहा कि दुनियाभर के देशों में स्टार्टअप्‍स टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काफी काम कर रहे हैं और इस दृष्टि से भारत में भी यदि ऐसा होता है तो देश के विकास में ज्‍यादा बेहतर होगा।

कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने आदित पलीचा की प्रतिक्रिया को वाणिज्‍य मंत्री गोयल के संदेश के मूल सार से भटकाने वाला बताया। उन्होंने कहा, “नौकरियां सृजित करने और कर भुगतान का दावा करना, विदेशी पूंजी का उपयोग करके भारत के छोटे किराना स्टोर्स को नुकसान पहुंचाना नवाचार नहीं है। उन्‍होंने कहा कि यह दृष्टिकोण भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक हितों के अनुरूप नहीं है।”

खंडेलवाल ने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप्स को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व में योगदान देना चाहिए, न कि पारंपरिक व्यवसायों की कीमत पर अल्पकालिक व्यावसायिक लाभों का पीछा करना चाहिए। उन्होंने कहा, “नवाचार को केवल सुविधा नहीं, बल्कि राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए। हमें ऐसे स्टार्टअप्स की आवश्यकता है जो वास्तविक समस्याओं का समाधान करें और भारत के भविष्य को आगे बढ़ाने के लिए बुनियादी तकनीकों का निर्माण करें।”

उन्‍होंने कहा कि यह चर्चा भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के भीतर एक व्यापक बहस को उजागर करती है, जिसमें तेजी से व्यावसायिक सफलता और उन्नत तकनीकों में भारत को अग्रणी बनाने वाले डीप-टेक नवाचार की खोज के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर विचार किया जा रहा है।

उल्‍लेखनीय है कि त्वरित वाणिज्य सेवा प्रदान करने वाली कंपनी जेप्टो के सीईओ आदित पलीचा ने पीयूष गोयल के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उनके जैसे स्टार्टअप लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने जेप्टो को “भारतीय नवाचार का चमत्कार” बताते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ 3.5 साल में 1.5 लाख से अधिक लोगों की आजीविका का जरिया बना है।

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