झारखंड : कांग्रेस में पहली बार तीन विधायकों के खिलाफ हुआ एफआईआर: फुरकान अंसारी

रांची, 02 अगस्त । पूर्व सांसद और विधायक इरफान अंसारी के पिता फुरकान अंसारी प्रदेश कांग्रेस से नाराज हैं। उन्होंने कैश कांड में विधायक राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाडी और इरफान अंसारी के खिलाफ दर्ज कराये गये एफआईआर को सुनियोजित साजिश बताया है।

अंसारी ने मंगलवार को रांची में प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी में आपसी खींचातानी होती रहती है। मतभेद होता है पर इसका मतलब यह नहीं कि आपस में ही झगड़ा करने लगें। यह पहली दफा हुआ है कि कांग्रेस पार्टी ने अपनी ही पार्टी के तीन विधायकों के खिलाफ एफआईआर करायी हो। यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला था जिसका कारण पार्टी को बताना होगा।

फुरकान अंसारी ने विधायक अनूप सिंह को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में आपसी विवाद, मसले को पार्टी फोरम पर रखना चाहिए। पार्टी में शुरू से यही सिस्टम रहा है। ऐसे में जल्दबाजी में और आपसी खुन्नस में एफआईआर दर्ज कराने वाले अनूप सिंह कौन होते हैं और अगर उन्हें पूर्व में कोई आफर आया था तो उसी समय एफआईआर कराते। उन्हें ही बार बार आफर क्यों आते हैं।

अंसारी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने की तारीख भी ठीक से नहीं लिखी गई है। अनूप सिंह की बात नहीं बनी तो साजिश रच दी। इसके बाद ही कांग्रेस के विधायकों को बंगाल पुलिस डिटेन किया। उन्होंने कहा कि तीन विधायकों से सरकार नहीं गिर सकती है। उन्होंने कहा कि झारखंड कांग्रेस की स्थिति काफी खराब है। उन्होंने कांग्रेस के आलाकमान से आग्रह करते हुये कहा है कि झारखंड कांग्रेस में बढ़ रहे अंतर्कलह को समाप्त करें, ताकि झारखंड में कांग्रेस मजबूत हो सके।

अंसारी ने कुछ तस्वीरें जारी कर कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी की पोल खोल दी है। उन्होंने जो तस्वीरें जारी की है, उसमें कांग्रेस विधायक जयमंगल उर्फ अनूप सिंह असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा के साथ नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी भी बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। फुरकान अंसारी ने दावा किया है कि इन तस्वीरों से साफ है कि सरकार को अस्थिर करने में अनूप सिंह अहम भूमिका निभा रहे थे।

(हि.स.)

Leave a Reply

Your email address will not be published.